• बगीचे में छिपाया गया था तस्करी का उर्वरक, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों पर उठ रहे सवाल
सिद्धार्थनगर : सिद्धार्थनगर जिले से सटे नेपाल के कपिलवस्तु जिला अंतर्गत के मर्यादपुर में नेपाल पुलिस और एपीएफ के जवानों ने भारत से अवैध रूप से तस्करी कर नेपाल ले जाए गए 218 बोरी भारतीय यूरिया उर्वरक बरामद किया। बरामद उर्वरक बगीचे में छिपाकर रखा गया था।

नेपाल के कपिलवस्तु जिला अंतर्गत के सुठौली भंसार कार्यालय के प्रमुख किरण बिष्ट ने बताया कि भंसार कार्यालय और एपीएफ की बीओपी डंगरी को मुखबिर द्वारा सूचना मिली थी कि जिले के मर्यादपुर में एक बाग में कुछ भारतीय उर्वरक छिपाकर रखा गया है। सूचना के आधार पर सक्रिय हुई भंसार कार्यालय और एपीएफ की टीम ने सोमवार की देर रात छापेमारी कर झाड़ियों और मिट्टी से ढककर छिपाया गया 218 बोरी भारतीय यूरिया उर्वरक बरामद किया। जिसे जब्त कर सुठौली भंसार कार्यालय ले जाया गया।

भंसार चीफ ने बताया कि इतनी बड़ी मात्रा में भारतीय उर्वरक का नेपाल पहुंचना जांच का विषय है। उन्होंने बताया कि संभावना है कि तस्करों ने रात के अंधेरे में और स्थानीय रास्तों का उपयोग कर यह उर्वरक सीमा पार कराई हो। तस्करों ने यह खेप भारत के खुनुवा बॉर्डर से नेपाल के मर्यादपुर इलाके तक पहुंचाई। यह क्षेत्र पहले भी यूरिया, पेट्रोल और अन्य वस्तुओं की तस्करी के लिए जाना जाता है। इस बार बरामद उर्वरक की बड़ी मात्रा ने सीमा सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है कि एसएसबी, पुलिस, कस्टम और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की लगातार गश्त के बावजूद तस्करों का इतना बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। इतनी भारी खेप का बिना किसी की जानकारी के सीमा पार करना सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाता है। नेपाल पुलिस ने तस्करों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है।
बरामद यूरिया की बाजार कीमत लाखों रुपए आंकी गई है। नेपाल प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या इस तस्करी में किसी स्थानीय व्यक्ति या अधिकारी की मिली भगत थी।




