‘हाड़ा’ विकास सिंह
पचपेड़वा (बलरामपुर) : अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय शिक्षक गरिमा शिविर में प्रतिभाग करने हेतु जनपद बलरामपुर के शिक्षकों एवं कार्यकर्ताओं का एक दल हरिद्वार के लिए रवाना हुआ।

भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के प्रभारी गुलाब चंद भारती के नेतृत्व में यह दल शांतिकुंज, हरिद्वार के लिए प्रस्थान कर गया, जहाँ 25 एवं 26 मई को प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

शिविर में गायत्री विद्या एवं यज्ञ का तत्त्वदर्शन, भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के उद्देश्य, शिक्षा के साथ विद्या का महत्व, छात्रों में विचार क्रांति अभियान की आवश्यकता एवं क्रियान्वयन, प्रतिभा परिष्कार, नई शिक्षा नीति तथा भारत के वैश्विक योगदान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

शिविर का शुभारंभ गुरु वंदना“गुरु को ही हम पुकारें…” के साथ किया गया।
प्रथम दिवस के प्रातः कालीन सत्र में देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या एवं उत्तर जोन प्रभारी परमानंद द्विवेदी ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने गायत्री विद्या, यज्ञीय जीवनशैली एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

इस अवसर पर उत्तर जोन प्रभारी परमानंद द्विवेदी ने कहा कि मनुष्य को हंस के समान लक्ष्यनिष्ठ एवं विवेकपूर्ण जीवन जीना चाहिए, न कि मक्खी की तरह व्यर्थ भटकाव में अपना समय नष्ट करना चाहिए।
शिविर के प्रारंभ में प्रतिभागियों ने अखंड दीप के दर्शन कर यज्ञशाला में यज्ञ सम्पन्न किया तथा विश्व कल्याण की प्रार्थना की।
इस प्रशिक्षण शिविर को शिक्षा, संस्कृति एवं व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
इस अवसर पर गुलाब चंद भारती के साथ सुनील वर्मा, नीलम वर्मा, शिवकुमार वर्मा, लोकेश श्रीवास्तव, अर्चना श्रीवास्तव, रामजी वर्मा, श्यामलाल यादव, वीरेंद्र तिवारी, ओम प्रकाश वर्मा, शिवदयाल यादव एवं अमरेंद्र वर्मा सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया।
Author: Vikas News
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