‘हाड़ा’ विकास सिंह
लखनऊ : योगी आदित्यनाथ की सरकार ने ग्राम पंचायत व्यवस्था को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया है। अब प्रदेश की ग्राम पंचायतों में प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री स्तर से इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल चुकी है, जिसके बाद प्रशासनिक तैयारी तेज कर दी गई है। अब पंचायती राज विभाग जल्द आदेश जारी करेगा। सभी 57694 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को प्रशासक के रूप में काम करने की इजाजत रहेगी। मंगलवार यानी 26 मई 2026 को ग्राम पंचायतों का पांच साल का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार पहली बार प्रशासक समिति के गठन की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इस नई व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायतों के कार्यों का संचालन चुने हुए प्रधानों की देखरेख में ही किया जाएगा, जिससे विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
क्या है सरकार की योजना ?
सरकार का मानना है कि ग्राम स्तर पर पहले से चुने हुए जनप्रतिनिधि ही स्थानीय जरूरतों को बेहतर समझते हैं। ऐसे में उन्हें प्रशासक की जिम्मेदारी देने से योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी और पारदर्शी हो सकेगा।
आज जारी हो सकता है आदेश
सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में आधिकारिक आदेश आज जारी किया जा सकता है। आदेश जारी होते ही प्रदेशभर में नई व्यवस्था लागू होने की संभावना है।
क्या होगा असर ?
• ग्राम पंचायतों में निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी
• स्थानीय विकास कार्यों में सुधार आएगा
• प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय बेहतर होगा
हालांकि, इस फैसले को लेकर विपक्ष सवाल भी उठा सकता है, लेकिन सरकार इसे ग्राम विकास को गति देने वाला कदम बता रही है।
Author: Vikas News
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