‘हाड़ा’ विकास सिंह
सिद्धार्थनगर : जनपद के ढेबरुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तुलसियापुर के मधवापुर में निर्माणाधीन मछली मंडी के मुख्य गेट का स्लैब ढलाई के दौरान अचानक गिर जाने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि छह अन्य मजदूर घायल हो गए। घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें जिला मुख्यालय स्थित डॉ. माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
घटना बुधवार दोपहर करीब 12 बजे की है। जानकारी के अनुसार लगभग 5.56 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन मछली मंडी में मुख्य गेट का शटरिंग कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक छत का ढांचा निर्माण सामग्री सहित भरभराकर गिर पड़ा, जिससे वहां कार्य कर रहे मजदूर मलबे में दब गए।
हादसे में मड़नी निवासी मुस्ताक (25) पुत्र किताबुल की मलबे में दबकर मृत्यु हो गई। वहीं घरूआर निवासी बुधई (45) पुत्र नीबर, राजेंद्र (20) पुत्र बुधई, मड़नी निवासी आलम (30) पुत्र मोहम्मद शफी, मानपुर निवासी रूपेश (32) पुत्र कन्हैया तथा नेपाल के अमहवा निवासी रामदयाल (30) पुत्र तोते घायल हो गए। सभी घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़नी में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल तीन मजदूरों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।


मलबे में दबे मजदूर को निकालने के लिए करीब दो घंटे तक राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया। जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर मुस्ताक को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी।


घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उनके साथ एसडीएम, क्षेत्राधिकारी एवं तहसीलदार भी मौजूद रहे।
प्रशासन ने निर्माण कार्य में संलग्न कार्यदायी संस्था के खिलाफ जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
विधायक ने जताई नाराजगी, जांच और कार्रवाई की मांग
घटना पर शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने दुख व्यक्त करते हुए इसे निर्माण कार्य में अनियमितता और गुणवत्ता की कमी का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि वह पूर्व में भी निर्माण कार्य में खामियों को लेकर संबंधित अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
विधायक ने कहा कि बिना किसी प्राकृतिक कारण के इस प्रकार गेट का गिरना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद समय पर राहत एवं बचाव कार्य नहीं शुरू हो सका, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष मजिस्ट्रेटीय जांच कराने, निर्माण एजेंसी, ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। साथ ही मृतक के परिजनों को मुआवजा तथा घायलों को समुचित उपचार एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी की है।
गुणवत्ता पर उठे सवाल
यह घटना निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि निर्माण कार्यों में मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो इस प्रकार की घटनाएं भविष्य में भी सामने आ सकती हैं।
Author: Vikas News
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