‘हाड़ा’ विकास सिंह
रूपन्देही (नेपाल) : नेपाल के रूपन्देही जिले में पुलिस ने नकली नोट छापने और उनके अवैध लेनदेन में शामिल एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई लुम्बिनी सांस्कृतिक नगरपालिका क्षेत्र में गोपनीय सूचना के आधार पर की गई।
जिला पुलिस कार्यालय रूपन्देही के सूचना अधिकारी एवं पुलिस उपाधीक्षक कृष्ण कुमार चंद के अनुसार, जाली मुद्रा के कारोबार की सूचना मिलने के बाद क्षेत्रीय पुलिस कार्यालय लुम्बिनी की एक विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि होने पर 20 मई को छापेमारी की गई, जिसमें दोनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
1. अब्दुल हामिद (38 वर्ष)
निवासी – ककरहवा, नौगढ़, सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश (भारत)
2. अनिल पासी उर्फ विक्की (22 वर्ष)
निवासी – वार्ड नंबर 11, मसीना, लुम्बिनी सांस्कृतिक नगरपालिका, रूपन्देही (नेपाल)

बरामद सामग्री
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और भारी मात्रा में सामग्री बरामद की है, जिनमें शामिल हैं –
1. 500 रुपये नेपाली के 30 नकली नोट (सभी पर एक ही सीरियल नंबर: E 25024912)
2. 100, 200, 500 और 1000 रुपये के मुद्रित एवं बिना कटे नकली नोटों के 7 शीट
3. 1 CPU, 1 प्रिंटर, 1 मॉनिटर
4. 4 रिम प्रिंट पेपर
5. 2 मोबाइल फोन
6. 1 कैंची
लंबे समय से सक्रिय था गिरोह
पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने के अवैध धंधे में संलिप्त थे। फिलहाल दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
सीमापार नेटवर्क की आशंका
एक आरोपी के भारत-नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर जिले का निवासी होने के कारण इस मामले में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की आशंका जताई जा रही है। नेपाल पुलिस का मानना है कि यह गिरोह दोनों देशों में सक्रिय हो सकता है और सीमापार नेटवर्क के जरिए नकली नोटों का कारोबार चला रहा था।
Author: Vikas News
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