‘हाड़ा’ विकास सिंह
काठमांडू : नेपाल सरकार ने भारत के साथ आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता से संबंधित द्विपक्षीय संधि को प्रतिनिधि सभा में पेश किया है।
प्रतिनिधि सभा की मंगलवार को आयोजित बैठक में कानून, न्याय एवं संसदीय मामलों की मंत्री सोविता गौतम ने इस संधि को सदन के समक्ष प्रस्तुत किया। मंत्री गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि नेपाल और भारत के बीच यह संधि 15 मई 2025 को संपन्न हुई थी। उन्होंने कहा कि संधि का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आपराधिक मामलों की जांच, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी, सुव्यवस्थित और सुगम बनाना है।
संसद में संधि पर प्रकाश डालते हुए मंत्री गौतम ने कहा कि यह समझौता सीमा पार होने वाले अपराधों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से दोनों देशों की जांच एजेंसियों और न्यायिक संस्थाओं के बीच सहयोग को कानूनी आधार मिलेगा, जिससे साक्ष्य साझा करने, आरोपियों की जांच और अभियोजन की प्रक्रिया में तेजी आएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संधि को संसद में पेश करने का उद्देश्य सदन को औपचारिक रूप से अवगत कराना और इसके अनुमोदन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि संधि के लागू होने के बाद नेपाल और भारत के बीच सीमा पार अपराधों की जांच और कानूनी कार्रवाई में अधिक समन्वय और पारदर्शिता आएगी, जिससे न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।




