सौरभ सोमवंशी
नई दिल्ली : वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय के ऊपर उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण-क्षत्रिय विवाद समेत जातियों के बीच में वैमनस्यता फैलाने, नकारात्मक नैरेटिव सेट करने, दो जातियों के बीच नफरत फैलाने, प्रदेश की शांति व्यवस्था को भंग करने के प्रयास के आरोप लगाते हुए ब्राह्मण-क्षत्रिय एकता मंच के राष्ट्रीय संयोजक और मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले राजकुमार शुक्ला, क्रांति गुरु गणेश बल्लभ द्विवेदी और एडवोकेट सौरभ सोमवंशी ने सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट रीना एन सिंह के माध्यम से लीगल नोटिस भेजा है।
अभिषेक उपाध्याय ने अपने यूट्यूब चैनल पर पिछले एक महीने में जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर 20 से अधिक थंबनेल और वीडियो अपलोड किया जो पूरी तरह से विवादित है। पंडित को भी नहीं बख्शा, यूपी में ठाकुर राज पर मोहर, शामली में ब्राह्मण होने की सजा और तमाम जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर समाज में विभाजन पैदा करने, असंतोष और जातियों के बीच शत्रुता पैदा करने के आरोपों के साथ भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के उल्लंघन का आरोप अभिषेक उपाध्याय पर नोटिस में लगाया गया है।
पिछले दिनों अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के एक विवादित वीडियो को भी अभिषेक ने अपने यूट्यूब पर अपलोड किया था। जिसमें अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा था कि रवि किशन को ब्राह्मण होने के नाते उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ अपमानित करते हैं।
नोटिस में कहा गया है कि अभिषेक उपाध्याय प्रेस की सुरक्षा की आड़ में कुछ भी कहने के अधिकारी नहीं हो जाते वह जाति आधारित संघर्ष की बातें करके, संवैधानिक स्वतंत्रता, भारतीय प्रेस परिषद अधिनियम 1978 के मापदंडों, भारतीय न्याय संहिता 2023 के लागू तमाम प्रावधानों समेत भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 (1) और 19(2) का उल्लंघन कर रहे हैं।




