काठमांडू : नेपाल में शुक्रवार को 36 साल के राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के संसदीय दल के नेता बालेन शाह उर्फ बालेंद्र शाह को प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। शुक्रवार दोपहर 12:34 बजे राजधानी काठमांडू स्थित राष्ट्रपति भवन ‘शीतल निवास’ में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संविधान की धारा 76 की 1 के अनुसार प्रतिनिधि सभा में बहुमत प्राप्त दल के नेता के रुप में 14 मंत्रियों के साथ उन्हें पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण करते बालेन शाह
बालेन शाह को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाते राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल
समारोह में हिंदू और बौद्ध परंपराओं का सुंदर मिश्रण देखने को मिला, रामनवमी के अवसर शपथ ग्रहण समारोह में सात ब्राह्मणों ने शंखनाद, 108 युवा ब्राह्मणों द्वारा स्वस्ति वाचन और 107 लामाओं द्वारा बौद्ध मंत्रों का पाठ किया गया।
स्वस्तिवाचन व बौद्ध परंपराओं के तहत पूजन करते पुजारी व लामा
बालेन शाह नेपाल के इतिहास में सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री हैं। इसके साथ ही वे मधेस प्रांत से देश का नेतृत्व करने वाले पहले मधेसी प्रधानमंत्री भी हैं। बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 5 मार्च को हुए चुनाव में 275 में से 182 सीटें जीतकर इतिहास रचा। शपथ ग्रहण के दौरान बालेन शाह ने पारंपरिक नेपाली टोपी पहनी हुई थी और उनके पास वाली कुर्सी पर नेपाल की कार्यकारी प्रधानमंत्री सुशीला कार्की बैठी थीं।
शपथ ग्रहण के दौरान मंच पर बालेन शाह की पत्नी व गोद में बेटी
बालेन शाह की पत्नी सबीना काफले और बेटी भी मंच पर मौजूद थीं। इस शपथ ग्रहण समारोह ने न केवल नेपाल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू किया है, बल्कि यह नेपाल के युवाओं और उनके सपनों की भी जीत है। बालेन शाह की प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्ति से यह संकेत मिलता है कि नेपाल में राजनीति के नए दौर की शुरुआत हो रही है, जिसमें युवा नेतृत्व की अहमियत को मान्यता दी जा रही है।
शपथ ग्रहण के उपरांत कार्यकारी प्रधानमंत्री सुशीला कार्की से गले मिलते बालेन शाह
रैपर से पीएम तक का सफर
बालेन शाह का जन्म 27 अप्रैल 1990 को नेपाल की राजधानी काठमांडू में हुआ। उन्होंने भारत के बेंगलुरु से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की, लेकिन संगीत, खासकर रैप में उनकी गहरी रुचि ने उन्हें रैपर के रुप में प्रसिद्ध किया। अपने गानों के माध्यम से उन्होंने समाज में एक अलग पहचान बनाई। राजनीति में उनका कदम 2022 में आया, जब उन्होंने काठमांडू के मेयर पद के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और शानदार जीत हासिल की। 36 साल के बालेन पेशे से इंजीनियर हैं। 4 साल पहले तक नई पीढ़ी के बीच उन्हें सिर्फ़ एक रैपर के तौर पर जाना जाता था, लेकिन काठमांडू महानगरपालिका के मेयर का चुनाव जीतकर वे चर्चा में सबसे ऊपर आ गए। जब वे 2079 में हुए स्थानीय चुनावों में एक निर्दल प्रत्याशी के तौर पर काठमांडू के मेयर के लिए खड़े हुए, तो पॉलिटिकल एनालिस्ट और मीडिया ने इस पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन चुनाव के नतीजों से यह साफ़ पता चला कि नेपाली वोटर्स की साइकोलॉजी कैसे बदल रही है। मेयर के तौर पर अपनी जीत के साथ, बालेन वर्चुअल दुनिया में ज्योग्राफिकली अपनी प्रोफ़ाइल बढ़ाने में कामयाब रहे। काठमांडू के गौरीगांव में जन्मे शाह आयुर्वेदिक डॉक्टर डॉ. राम नारायण शाह और ध्रुवदेवी शाह के बेटे हैं। व्हाइट हाउस इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट और भारत के कर्नाटक विश्वेश्वरैया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री के साथ, वे अपने करियर के दौरान देश में कई जगहों पर पहुँचे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालेन शाह को दी बधाई

नए पीएम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाली भाषा में बालेन शाह को बधाई देते हुए लिखा, ‘नेपाल के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेने पर बालेंद्र शाह को बहुत-बहुत बधाई। आपकी नियुक्ति नेपाल के लोगों द्वारा आपके नेतृत्व पर दिखाए गए भरोसे को दिखाती है। मैं आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं ताकि भारत-नेपाल की दोस्ती और सहयोग को हमारे दोनों देशों के लोगों के आपसी फायदे के लिए और भी ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके।’

नेपाल में नई मंत्रिपरिषद का गठन किया गया है। कुल 14 मंत्रियों को विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिनमें कई वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ महिला मंत्रियों को भी महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं। नई मंत्रिपरिषद में पांच महिला मंत्रियों को जगह मिलना एक उल्लेखनीय पहलू है। अब देखना होगा कि यह सरकार नेपाल की विकास यात्रा को किस दिशा में आगे ले जाती है।
वित्त और गृह की कमान वरिष्ठ नेताओं के हाथ
मंत्रिपरिषद में दूसरी वरीयता प्राप्त स्वर्णिम वाग्ले को उपप्रधानमंत्री और वित्त मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि तीसरी वरीयता पर रहे सुधन गुरुङ को गृह मंत्रालय सौंपा गया है। विदेश मंत्रालय का कार्यभार शिशिर खनाल को दिया गया है। सुनिल लम्साल भौतिक पूर्वाधार, परिवहन तथा शहरी विकास मंत्रालय का नेतृत्व करेंगे। ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई मंत्रालय विराजभक्त श्रेष्ठ को सौंपा गया है। संचार मंत्री के रूप में विक्रम तिमिल्सिना की नियुक्ति की गई है, वहीं पर्यटन मंत्रालय खड्कराज पौडेल उर्फ गनेश को दिया गया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य
सस्मित पोखरेल को शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ-साथ युवा एवं खेलकूद मंत्रालय की दोहरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय की बागडोर निशा मेहता के हाथों में होगी।
कृषि, पर्यावरण और महिला मामले
गीता चौधरी को कृषि और पशुपंक्षी विकास के साथ-साथ वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। महिला एवं बालबालिका मंत्रालय सीता वादी संभालेंगी।
प्रशासन, कानून और श्रम
प्रतिभा रावल सामान्य प्रशासन मंत्री बनाई गई हैं। कानून मंत्रालय सोविता गौतम को मिला है, जबकि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय दीपक साह (महोत्तरी) को सौंपा गया है।
नवनिर्वाचित मंत्रिमंडल
1. बालेंद्र शाह – प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री एवं उद्योग मंत्री
2. स्वर्णिम वाग्ले – उपप्रधानमंत्री और वित्त मंत्री
3. सुदन गुरुंग – गृह मंत्री
4. शिशिर खनाल – विदेश मंत्री
5. सुनील लम्साल – भौतिक अवसंरचना, परिवहन और शहरी विकास मंत्री
6. विराजभक्त श्रेष्ठ – ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्री
7. खड्कराज पौडेल उर्फ गणेश – पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री
8. सस्मित पोखरेल – शिक्षा, विज्ञान और तकनीक और खेल मंत्री
9. निशा मेहता – स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्री
10. विक्रम तिमिल्सिना – सूचना और संचार मंत्री
11. प्रतिभा रावल – केंद्रीय मामले और सामान्य प्रशासन मंत्री
12. सोविता गौतम – कानून मंत्री
13. गीता चौधरी – कृषि और पशुधन विकास के साथ-साथ जंगल और पर्यावरण मंत्री
14. दीपक साह – श्रम और रोजगार मंत्री
15. सीता वादी – महिला, बाल और वरिष्ठ नागरिक मंत्री




