सिद्धार्थनगर : भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के ठोठरी बाजार स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर पर गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने मकर संक्रांति उत्सव मनाया। इस दौरान जिला प्रचारक विशाल ने बौद्धिक देते हुए उत्सव की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति सामाजिक एकता, समरसता, एकरूपता का बोध करता है। यह एकरूपता समाज के एक साथ बैठने पर दिखाई देता है। यह तभी संभव होगा जब हिंदू एक रहेगा। इसी हिंदू समाज को संगठित करने का बीड़ा डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने उठाया था।

लोटन खंड के हरिबंशपुर मंडल की ओर से आयोजित मकर संक्रांति उत्सव में जिला प्रचारक ने कहा कि संघ के प्रमुख उत्सवों में मकर संक्रांति उत्सव भी शामिल है। संघ इस उत्सव को बड़े ही धूमधाम के साथ मनाता है। उन्होंने कहा कि संघ के प्रथम सरसंघचालक डॉ. केशव ने परम पवित्र भगवा ध्वज को अपना गुरु मानकर हिंदू समाज को एकजुट करने का बीड़ा उठाया था। यह कार्य कितना कठिन है। हिंदू जाति-विभेद में बंटा है। छूआ-छूत में संलिप्त है। ईश्या-क्रोध से परेशान हैं। अपने मन के भाव को बदल नहीं पा रहा है, बावजूद डॉ. केशव की ओर से शुरू की गई साधना निरंतर 100 वर्षों चल रही है। आज भी राष्ट्रीय स्वयंसेकव संघ हिंदू समाज को एकजुट करने का निरतंर साधना कर रहा है। मकर संक्रांति, हिंदू सम्मेलन जैसे उत्सवों को माध्यम से सभी को एकजुट करने का प्रयास हो रहा है। इससे समाज जगा भी है। इस दौरान दिनेश, आनंद, प्रेम मोदनवाल, अभिषेक आदि मौजूद रहे।




