सामाजिक समरसता का प्रतीक है मकर संक्रांति : गोकुल, मकर संक्रांति पर आरएसएस ने बढ़नी में किया सहभोज का आयोजन

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सिद्धार्थनगर : बढ़नी कस्बे के सरस्वती शिशु मंदिर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (बलिया नगर) की ओर से सामाजिक समरसता के प्रतीक मकर संक्रांति उत्सव और सहभोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें नगर व क्षेत्र के सभी वर्गों के लोगों ने सहभागिता किया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघचालक गोकुल गोयल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पर्वों का विशेष महत्व है। संघ के 6 पर्वों में मकर संक्रांति का विशेष महत्व है। मकर संक्रांति सामाजिक समरसता का प्रतीक है। हमारी संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम व समरसता की भावना वाली है। संघ अपने सौ वर्षों वर्ष के दौरान देश व समाज के सर्वांगीण विकास तथा सेवा की भावना पर कार्य किया है, उसके लिए राष्ट्र सर्वोपरि है। उसके स्वयंसेवकों का कार्य समाज के किसी भी वर्ग का निःस्वार्थ सेवा करना है, जिसे वह संघ की शाखा में सीखता है। आज हम सभी के लिए विचारणीय विषय है कि हम समाज के उत्थान व सेवा में कितना समय देते हैं, हमारा युवा वर्ग किस राह पर चल रहा है, युवा वर्ग को डॉ. हेडगेवार, स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करने की जरूरत है। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ स्वयंसेवक मक्खन लाल मित्तल ने की।

इनकी रही सहभागिता
सहभोज कार्यक्रम में नगर पंचायत बढ़नी चेयरमैन सुनील अग्रहरि, भाजयुमो पूर्व जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह उर्फ राजू शाही, डॉ. राजन उपाध्याय, अजय जायसवाल, अजय प्रताप गुप्त, सचिन गोयल, सरदार रविंद्र सिंह, अभिमन्यु जायसवाल, संतोष आजमगढ़िया, हरिकेश पाठक, संजय मित्तल आदि तमाम लोगों की सहभागिता रही। अंत में खिचड़ी सहभोज कार्यक्रम हुआ, जिसमें क्षेत्र के सभी जाति वर्ग के लोगों की सहभागिता रही।

Vikas News
Author: Vikas News

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