• भगवान बुद्ध की धरती पर आकर हो रही गर्व की अनुभूति
• अमेरिका जैसे देश के पास अपनी सेना को सैलरी देने तक के पैसे नहीं
सिद्धार्थनगर : उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लिव इन रिलेशनशिप को लेकर कहा कि मैं लिव इन रिलेशनशिप को लेकर लगातार बोल रही हूं। बेटियों को ऐसे लोगों से बचकर रहना चाहिए। ऐसे लोग आएंगे, आपको बहलाएंगे। किसी का मकान, किसी का फॉर्म हाउस दिखा देंगे और कह देंगे कि हमारा है।आपको महंगे होटल में ले जाकर खाना खिलवा देंगे। उसके बाद आपका क्या हाल करेंगे इसके बारे में आप सोच भी नहीं सकते। ऐसे लोगों से बेटियों को बचकर रहना है। किसी के बहकावे में नहीं आना है।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उक्त बयान सिद्धार्थनगर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए में दिए। इससे पहले उन्होंने मुख्य अतिथि आईआईएसईआर मोहाली के निदेशक प्रो. अनिल त्रिपाठी, विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी एवं कुलपति प्रो. कविता शाह के साथ द्वीप प्रज्ज्वलित कर एवं मां शारदा के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर नवम् दीक्षान्त समारोह का शुभारम्भ किया। इसके बाद उन्होंने विश्वविद्यालय के नए प्रवेश द्वार पर स्थापित भगवान गौतम बुद्ध की विशाल प्रतिमा का अनावरण किया।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि भगवान बुद्ध की पावन धरती पर आकर उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है। इसी धरती से गौतम बुद्ध ने विश्व को शांति का संदेश दिया। यह देश-विदेश केे लोगों के आकर्षण के केंद्र में है।

राज्यपाल ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कहा कि लिव इन रिलेशन के लिए उन्होंने एक अच्छा कानून बनाया है, रिलेशनशिप में रहने वालों की एक फॉर्म भरना होगा जिसमें दोनों परिवारों का डॉक्यूमेंट सब्मिट होगा। जिससे भविष्य में उन्हें दिक्कत नहीं होगी। लेकिन अब इसका भी विरोध होने लगा है। हम लिव इन रिलेशनशिप का विरोध नहीं करते हैं, लेकिन सजगता जरूरी है।

गोल्ड मेडलिस्ट बच्चियों की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी जिंदगी खुद जीनी है जिस तरह से उन्हें गोल्ड मेडल मिला है वह गोल्ड की तरह निखरें और भविष्य में कामयाब हों। यही असल जिंदगी है।

उन्होंने कहा कि एक समय में अमेरिका एक पावरफुल देश माना जाता था। आज के समय में अमेरिका के पास अपनी सेना और अपने पुलिस को तनख्वाह देने का पैसा नहीं बचा है। हमारा भारत पूरे विश्व में अपना डंका बजा रहा है। लेकिन अमेरिका है जिसके पास 35 दिन से सैलरी देने को पैसा नहीं बचा है।

राज्यपाल ने एचपीवी वैक्सीन ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण से बचाव के लिए अपील की। जो कई तरह के कैंसर (जैसे गर्भाशय ग्रीवा, गले, गुदा, लिंग) और जननांग मस्सों का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि यह टीका 9 से 45 वर्ष साल के लोगों के लिए अनुशंसित है और इसे इंजेक्शन की कई खुराकों के रूप में दिया जाता है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन खासकर बच्चों के लिए बेहद जरूरी है। कुछ गरीब परिवार ऐसे हैं जो वैक्सीन नहीं लगता पाते हैं लेकिन उनके शादी में काफी खर्च करते हैं। 6 माह में एक बार 1200 रुपए का इंजेक्शन लगाना होता है, जिससे उनके परिवार सुरक्षित होते हैं। मैं तो कहूंगी कि बच्चों की शादियों में होने वाले खर्च में वैक्सीन की कीमत का पैसा बचाकर बच्चियों को सुरक्षित करना चाहिए।

विशिष्ट अतिथि एवं प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने गोल्ड मेडल पाने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि यह भगवान बुद्ध की धरती है। यहां से सत्य, अंहिसा व करुणा का संदेश पूरे विश्व को गया है, यहां आकर अपने आपको सौभाग्यशाली मानती हैं। उन्होंने कहा कि सभी को सार्थक सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। आज भारत दुनिया को समाधान दे रहा है। आज देश की बेटियां देश की दिशा और दशा बदलने का काम कर रही है।

इस दौरान डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल, इटवा विधायक माता प्रसाद पांडेय, कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा, बस्ती मंडलायुक्त अखिलेश कुमार सिंह, डीआईजी संजीव त्यागी, डीएम शिवशरणप्पा जीएन, एसपी अभिषेक महाजन, सीडीओ बलराम सिंह, एडीएम (न्यायिक) ज्ञानप्रकाश, कुलसचिव दीनानाथ यादव आदि मौजूद रहे।

48 छात्र-छात्राओं को मिला गोल्ड मेडल
समारोह में 48 छात्रों को गोल्ड मेडल दिए गए। इसमें 37 छात्र-छात्राओं को राज्यपाल स्वर्ण पदक, और 11 को अक्षय निधि डोनर स्वर्ण पदक मिला। कुल 4452 उपाधियां डिजिलॉकर पर अपलोड की गईं और 32 शोधार्थियों को पीएचडी डिग्री प्रदान की गई।





