नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री सुशीला कार्की को राष्ट्रपति पौडेल ने दिलाई पद एवं गोपनीयता की शपथ; 5 मार्च 2026 को होगा संसद सदस्य का अगला चुनाव

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‘हाड़ा’ विकास सिंह
काठमांडू : नेपाल में Gen-Z आंदोलन एवं उसके बाद हुए हिंसक प्रदर्शनों से उपजे राजनीतिक संकट के बीच शुक्रवार की रात पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार की कमान सौंप दी गई। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शुक्रवार रात क़रीब साढ़े 9 बजे राष्ट्रपति कार्यालय, शीतल निवास में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान मंच पर राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल, उपराष्ट्रपति राम सहाय यादव और मुख्य न्यायाधीश प्रकाश मान सिंह राउत ही मौजूद थे। सुशीला कार्की के शपथ ग्रहण समारोह को संसद के दोनों सदनों के प्रमुख ने बहिष्कार किया। प्रतिनिधि सभा के स्पीकर देवराज घिमिरे शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हुए। वह ओली के पार्टी से आते हैं। राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष नारायण दहाल भी अनुपस्थित रहे। नारायण प्रचंड की पार्टी से जुड़े हुए हैं। शपथ ग्रहण समारोह के बाद प्रधानमंत्री कार्की ने शपथ पत्र पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद उनके पति दुर्गा सुबेदी के साथ एक तस्वीर खिंचवाई और शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. बाबूराम भट्टराई, काठमांडू के मेयर बालेन शाह, प्रधान सेनापति अशोक राज सिग्देल, जेन-जी समूह की ओर से सुदन गुरुंग आदि मौजूद रहे।

इससे पहले शुक्रवार को राष्ट्रपति कार्यालय, शीतल निवास में दोपहर दो बजे से शाम साढे सात बजे तक चली उच्च स्तरीय बैठक में संसद को भंग करने और कार्की को शपथ दिलाने पर सहमति बनी। जेन-जी के प्रतिनिधियों ने दो दिन से चल रही वार्ता में स्पष्ट किया था कि संसद भंग किए बिना वे नई सरकार का गठन स्वीकार नहीं करेंगे। शुक्रवार को दिन भर हुए विचार-विमर्श के बाद राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शाम को सुशीला कार्की को निर्णायक वार्ता के लिए शीतल निवास बुलाया। इस बैठक में अधिवक्ता ओम प्रकाश अर्याल, रमण कर्ण और जेन-जी समूह की ओर से सुदन गुरुंग उपस्थित थे।नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल, सुशीला कार्की को शपथ दिलाते हुए

शपथ ग्रहण में एक मात्र पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई रहे मौजूद
प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व प्रधानमंत्रियों में से बाबूराम भट्टराई के अलावा कोई भी पूर्व प्रधानमंत्री मौजूद नहीं था। पहले ऐसे समारोहों में पूर्व प्रधानमंत्री, मंत्री और अन्य उच्च पदस्थ लोग शामिल होते थे। निवर्तमान प्रधानमंत्री द्वारा शपथ ग्रहण समारोह में कुर्सी सौंपने की परंपरा रही है, लेकिन शुक्रवार रात ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) की नेता सुमना श्रेष्ठ शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुईं। सुमना श्रेष्ठ और प्रधानमंत्री कार्की ने गले मिलकर एक-दूसरे को बधाई दी।प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के साथ मंच पर राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल, उपराष्ट्रपति राम सहाय यादव और मुख्य न्यायाधीश प्रकाश मान सिंह राउत

प्रधानमंत्री के नियुक्ति पत्र में राष्ट्रपति का आदेश, 6 महीने के भीतर चुनाव कराएं
सुशीला कार्की को छह महीने के भीतर प्रतिनिधि सभा का चुनाव पूरा करने के उद्देश्य से अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल द्वारा उन्हें दिए गए नियुक्ति पत्र में कहा गया कि प्रतिनिधि सभा का चुनाव छह महीने के भीतर पूरा किया जाए। राष्ट्रपति के नियुक्ति पत्र में यह भी कहा गया कि Gen-Z पीढ़ी द्वारा व्यक्त की गई इच्छाओं और आकांक्षाओं के अनुसार देश में उत्पन्न असाधारण स्थिति को ध्यान में रखते हुए तथा राजनीतिक दलों और हितधारकों के परामर्श से राष्ट्रपति के रुप में प्रधानमंत्री की सिफारिश और सहमति के आधार पर कार्की को अंतरिम सरकार का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राष्ट्रपति कार्यालय के सचिव दीपक काफले ने नियुक्ति पत्र की शर्तें पढ़कर सुनाईं। नियुक्ति पत्र के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 61 में निहित राष्ट्रपति की शक्तियों का प्रयोग करके कार्की को प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है।

संसद (प्रतिनिधि सभा) भंग, 5 मार्च 2026 को संसद सदस्य का होगा अगला चुनाव 
राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने नवनियुक्त प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की सिफ़ारिश पर संसद (प्रतिनिधि सभा) को भंग कर दिया है। आज ही प्रधानमंत्री नियुक्त हुईं कार्की ने अपने पहले फ़ैसले में शुक्रवार रात 11 बजे से संसद (प्रतिनिधि सभा) को भंग करने की सिफ़ारिश की। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने कार्की की सिफ़ारिश को मंज़ूरी दे दी। इसके साथ ही चुनाव की तारीख़ भी तय कर दी गई। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री कार्की की सिफ़ारिश पर आगामी 5 मार्च 2026 को संसद सदस्य के चुनाव की तारीख़ की घोषणा की। नेपाल के इतिहास में यह एक दुर्लभ घटना है जब नवगठित सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही जनता द्वारा निर्वाचित संसद को भंग कर दिया।भारत ने अंतरिम सरकार के गठन का किया स्वागत
भारत सरकार ने नेपाल में नई अंतरिम सरकार के गठन का स्वागत किया।भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की के नेतृत्व में गठित अंतरिम सरकार का स्वागत किया। बयान में कहा कि कार्की के नेतृत्व वाली सरकार के गठन से देश में शांति और स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी। कहा कि वह नेपाल के साथ एक निकट पड़ोसी, समान लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित देश तथा दीर्घकालिक विकास साझेदार के रूप में सदैव सहयोग करेगा।नेपाल में संयुक्त राष्ट्र की रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर हाना सिंगर-हैम्डी

संयुक्त राष्ट्र ने नवनियुक्त प्रधानमंत्री कार्की को भेजा बधाई संदेश
नेपाल में संयुक्त राष्ट्र की रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर हाना सिंगर-हैम्डी ने नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री सुशीला कार्की को बधाई और शुभकामनाएँ दी। कोऑर्डिनेटर हाना सिंगर-हैम्डी ने कहा कि इस महत्वपूर्ण मोड़ पर संयुक्त राष्ट्र संघ शांति, न्याय, पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रगति के लिए नेपाली लोगों की आकांक्षाओं का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने अपने संदेश में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल, सेना प्रमुख अशोक राज सिग्देल और नई पीढ़ी के युवा नेताओं के योगदान की भी सराहना की। साथ ही इस बदलाव की प्रक्रिया में अपनी जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि भी दी।प्रधानमंत्री सुशीला कार्की का अभिवादन करते हामी नेपाल के संस्थापक सुदन गुरुंग

Gen-Z के नेताओं के साथ जश्न मनातीं नेपाल की नवनियुक्त प्रधानमंत्री

Vikas News
Author: Vikas News

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