सिद्धार्थनगर : नेपाल के कपिलवस्तु जिले के महाराजगंज गांव पालिका इलाके में उस वक्त हालात बेकाबू हो गए, जब काली मंदिर में नवरात्रि पूजा के दौरान लाउडस्पीकर की तेज आवाज को लेकर विशेष समुदाय से जुड़े युवकों ने मंदिर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। ईद का दिन होने के कारण विशेष समुदाय से जुड़े कई लोग इकट्ठा हुए और उन्होंने मंदिर में रखी मूर्तियों, साउंड सिस्टम को क्षतिग्रस्त करते हुए पथराव शुरु कर दिया। हालात इस कदर बिगड़े कि कुछ ही देर में दर्जनों की तादाद में उपद्रवी हाथों में ईंट पत्थर लेकर सड़कों पर निकले और पत्थरबाजी शुरू कर दी। बुटहनिया के जिगना चौक पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले दाग तथा फायरिंग किए जाने से पांच लोग गंभीर घायल हो गए। इसके अलावा दो सुरक्षा कर्मी भी घायल हो गए। कपिलवस्तु प्रशासन ने हिंसा प्रभावित क्षेत्र में किसी भी तरह की सभा, मीटिंग, जुलूस और प्रदर्शन पर रोक लगाते हुए अगले आदेश तक के लिए कर्फ्यू लगा दिया है।


लाउडस्पीकर की तेज आवाज को लेकर शुरू हुआ विवाद
पूरे विवाद के पीछे लाउडस्पीकर की तेज आवाज को वजह बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि मंदिर में पूजा के दौरान बजाए जा रहे स्पीकर की आवाज पर विशेष समुदाय से जुड़े लोगों ने एतराज जताया। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। घटना कपिलवस्तु जिला अंतर्गत के महाराजगंज गांव पालिका वार्ड नंबर 2 और 3 के बरगदा की है। इस इलाके में काली मंदिर के ठीक सामने ही विशेष समुदाय का मस्जिद भी है। जहां शुक्रवार को ईद की नमाज पढ़ने के लिए धर्म विशेष के लोग जमा थे। इसी बीच मुस्लिम पक्ष के कुछ लोगों ने लाउडस्पीकर का आवाज जबरन कम कर दिया और पुजारी के साथ मारपीट करते हुए मूर्तियों के साथ तोड़फोड़ की। घटना की जानकारी फैलते ही क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को लेकर महाराजगंज गांव पालिका के वार्ड नंबर 6 बुटहनिया के जिगना चौक पर लोग धरना प्रदर्शन करने लगे। पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले दागते हुए भीड़ पर फायरिंग कर दी गई।




पुलिस की फायरिंग में ये हुए घायल
दो संप्रदायों के बीच जारी तनाव के बीच दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कपिलवस्तु प्रशासन द्वारा की गई फायरिंग में क्षेत्र के छोटा बुटहनिया निवासी 22 वर्षीय अरुण उर्फ जितेंद्र यादव, भोरहवा निवासी 20 वर्षीय मोनू पासी, जिगिना निवासी 25 प्रदीप पासी, छोटा बुटहनिया 22 वर्षीय महेंद्र रैदास गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए शिवराज अस्पताल, चन्द्रौटा ले जाया गया। जहां अरुण उर्फ जितेंद्र यादव, मोनू पासी, प्रदीप पासी को गंभीर अवस्था में इलाज के लिए भैरहवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इसके अलावा दूसरे पक्ष द्वारा की गई पत्थरबाजी में अजिगरा निवासी 75 वर्षीय काशी रैदास घायल हो गए। जिनका शिवराज अस्पताल के एमरजेंसी विभाग में इलाज चल रहा है।

कृष्णनगर-चन्द्रौटा मार्ग बाधित, बहादुरगंज में विरोध-प्रदर्शन
मंदिर में तोड़फोड़ करने वाले दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जिले भर में प्रदर्शन किया जा रहा है।कृष्णनगर-चन्द्रौटा मार्ग को बहादुरगंज में बंद कर आवागमन पूरी तरीके से बाधित कर दिया गया। इस दौरान आंदोलनकारियों द्वारा टायर जला कर विरोध दर्ज कराया गया।

कपिलवस्तु प्रशासन ने जारी किया कर्फ्यू का आदेश
कपिलवस्तु के कार्यवाहक सीडीओ भावेश्वर घिमिरे ने पत्र जारी कर महाराजगंज के पूर्व में बरगदी पुल, पश्चिम में बहादुरगंज चौक, उत्तर में महाराजगंज बाजार और दक्षिण में हरदौना इलाके में दोपहर 2 बजे से अगले आदेश तक के लिए किसी भी तरह की सभा, मीटिंग, जुलूस और प्रदर्शन पर रोक लगा दिया है। तनावग्रस्त क्षेत्र में कर्फ्यू का आदेश जारी किया है।

सांसद अभिषेक प्रताप शाह ने की कार्रवाई की मांग
कपिलवस्तु-3 से नेपाली कांग्रेस के नवनिर्वाचित सांसद अभिषेक प्रताप शाह ने सोशल मीडिया साइट पर घटना की निंदा करते हुए लिखा कि काली मंदिर में तोड़फोड़ की घटना अत्यंत निंदनीय और दुखद है, इससे धार्मिक सहिष्णुता और सामाजिक सद्भाव पर गंभीर आघात पहुंचा है। शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे नागरिकों पर गोली चलाना मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन है। उन्होंने सरकार से घटना की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, पीड़ितों को न्याय और मुआवजा दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने की गारंटी देने की मांग की है। उन्होंने सभी से धार्मिक सहिष्णुता, सद्भाव और संयम अपनाने की अपील भी की है।
कपिलवस्तु के बुद्धभुमि-9 डुमरा में महाराजगंज घटना के विरोध में शनिवार देर रात चक्का जाम करते प्रदर्शनकारी

‘मुस्लिम समाज के लोग ईद की नमाज पढ़ रहे थे और हिंदू समाज काली मंदिर पूजा कर रहा था। मंदिर में तेज आवाज में भजन बजने के बाद वॉल्यूम कम करने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। घटना को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के सात गोले दागे। दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की गई। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।’
संतोष आचार्य
पुलिस अधीक्षक, कपिलवस्तु




