• बैंक खाते के क्यूआर कोड से जुड़े लेनदेन की जांच तेज, ऑनलाइन गेमिंग और आर्थिक लेनदेन भी पुलिस के रडार पर
‘हाड़ा’ विकास सिंह
सिद्धार्थनगर : कन्नौज के लापता शिक्षक राहुल राजपूत के अपहरण और 10 लाख रुपये की फिरौती मामले की जांच अब भारत-नेपाल सीमा तक पहुंच गई है। फिरौती के लिए भेजे गए बैंक खाते और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की कड़ियां सिद्धार्थनगर के बढ़नी कस्बे तक मिलने के बाद कन्नौज पुलिस की एसओजी टीम ने गुरुवार देर शाम बढ़नी पहुंचकर सीएसपी संचालक संतोष साहू और नेपाल के कृष्णनगर निवासी दीपक को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। इस कार्रवाई के बाद सीमावर्ती क्षेत्र में पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
कन्नौज जिले के तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के कटरा बहसार निवासी राहुल राजपूत तालग्राम के टिकुरियनपुरवा स्थित परिषदीय विद्यालय में शिक्षक हैं। वह 14 जुलाई को विद्यालय से घर लौटते समय संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। अगले दिन उनकी मां आशा देवी के मोबाइल पर राहुल के नंबर से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। कॉल करने वाले ने एक बैंक खाते का विवरण भेजकर उसी खाते में रकम जमा कराने की बात कही थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कन्नौज पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस समेत 10 टीमें गठित कर जांच शुरू की। तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को फिरौती के लिए भेजे गए बैंक खाते का संबंध भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से मिलने के संकेत मिले। इसी आधार पर एसओजी टीम बढ़नी पहुंची और कस्बे के भारतीय स्टेट बैंक तिराहे के सीएसपी संचालक संतोष साहू तथा नेपाल के कृष्णनगर निवासी दीपक से कई घंटों तक पूछताछ करने के बाद दोनों को आगे की जांच के लिए कन्नौज ले गई।
संतोष साहू के पिता घनश्याम साहू ने बताया कि उनके पुत्र ने बृजपाल उर्फ भोथे के बैंक खाते का क्यूआर कोड तैयार किया था। उनके अनुसार नेपाल के कृष्णनगर निवासी दीपक से नेपालगंज के एक व्यक्ति ने कन्नौज से 10 लाख रुपये मंगवाने की बात कही थी और इसके बदले सुविधा शुल्क देने का प्रस्ताव रखा था। इसी के बाद दीपक ने संतोष से बैंक खाते का क्यूआर कोड लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उस खाते में करीब 40 हजार रुपये आने की बात सामने आई है, जबकि 10 लाख रुपये के लेनदेन की बातचीत जारी थी। इसी बीच कन्नौज पुलिस जांच करते हुए बढ़नी पहुंच गई।
जांच एजेंसियां अब राहुल राजपूत के बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल, वित्तीय लेनदेन और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका की गहन पड़ताल कर रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में शिक्षक के ऑनलाइन गेमिंग में रुपये लगाने तथा आर्थिक तंगी से जूझने के संकेत भी मिले हैं। हालांकि, अब तक किसी भी व्यक्ति की आपराधिक संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घनश्याम साहू ने बताया कि पुत्र के संबंध में जानकारी लेने के लिए वह सिद्धार्थनगर पुलिस अधीक्षक कार्यालय और बाद में ढेबरुआ थाने पहुंचे, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। उनका आरोप है कि थाने पर उन्हें 24 घंटे बाद आने की बात कहकर लौटा दिया गया।
उधर, बढ़नी कस्बे से दो लोगों को एसओजी द्वारा साथ ले जाने के बाद पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। स्थानीय पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच कन्नौज पुलिस कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Author: Vikas News
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