‘हाड़ा’ विकास सिंह
सिद्धार्थनगर : भारत-नेपाल सीमा पर सामान पर लगाए जा रहे भंसार (कस्टम) शुल्क को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह कोई नया निर्णय नहीं है, बल्कि पहले से लागू नीति का ही हिस्सा है।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि नेपाल सरकार अब इस नीति को सख्ती से लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि इस कदम से सीमा पर होने वाले अनौपचारिक व्यापार और तस्करी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। रणधीर जायसवाल के अनुसार, लंबे समय से नेपाल के लोग सीमा नाकों के जरिए भारत से सामान लाकर नेपाल में बेचते रहे हैं। अब ऐसे सामानों पर भंसार शुल्क अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। हालांकि, व्यक्तिगत उपयोग के लिए लाए गए सामान पर किसी प्रकार का भंसार शुल्क नहीं लगेगा।
नेपाल सरकार ने वि.सं. 2080 में राजपत्र में प्रकाशित नीति के तहत 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर अनिवार्य भंसार शुल्क लगाने का प्रावधान किया था, जिसे अब सख्ती से लागू किया जा रहा है।




