सिद्धार्थनगर : भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक बदलाव के तहत गुरुवार देर रात यूपी बीजेपी चीफ पंकज चौधरी ने दीपक मौर्य को नया जिला अध्यक्ष नियुक्त किया है। दीपक मौर्य अब तक जिला उपाध्यक्ष का दायित्व निभा रहे थे और संगठन में सक्रिय भूमिका के लिए जाने जाते हैं। लंबे समय से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहने के कारण उन्हें जिले की कमान सौंपी गई है। पार्टी नेतृत्व के इस निर्णय के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
भाजपा के निवर्तमान जिला अध्यक्ष कन्हैया पासवान ने दीपक मौर्य को भाजपा का जिलाध्यक्ष बनाए जाने पर बधाई देते हुए कहा कि दीपक मौर्य जमीन से जुड़े नेता है। निश्चित रूप से वे पार्टी को नई ऊंचाईयों तक ले जाएंगे।
दीपक मौर्य को माला पहनाकर बधाई देते सभासद संघ जिलाध्यक्ष फतेह बहादुर सिंह
सांसद जगदंबिका पाल ने नवनियुक्त जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य को बधाई देते हुए उनके सफल कार्यकाल के लिए उन्हें शुभकामनाएं दी। कहा कि दीपक मौर्य के संगठनात्मक अनुभव, समर्पण, संघर्षशील व्यक्तित्व और कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीय व्यवहार से निश्चित रूप से पार्टी को जनपद में नई मजबूती प्रदान करेगा। उनके नेतृत्व में संगठन की जड़ें और गहरी होंगी तथा बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा का संचार होगा।
नवनियुक्त जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य को मिठाई खिलाकर बधाई देते गोविंद माधव
शोहरतगढ़ से अपना दल (एस) के विधायक विनय वर्मा, डुमरियागंज के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी, सिद्धार्थनगर नगरपालिका के अध्यक्ष व पूर्व जिलाध्यक्ष गोविंद माधव, सभासद संघ जिलाध्यक्ष फतेह बहादुर सिंह, नगर पंचायत बढ़नी बाजार चेयरमैन सुनील अग्रहरि, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह, विनीत कमलापुरी, त्रियुगी अग्रहरि, सिद्धार्थ पाठक, रामधनी मौर्या, राजकुमार अग्रहरि, संजय जायसवाल, विकास पांडेय, ध्रुव चतुर्वेदी, रमेश मणि त्रिपाठी, दिवाकर विक्रम सिंह आदि ने नवनियुक्त जिला अध्यक्ष दीपक मौर्य को बधाई दी।

किस जाति से कितनी नियुक्ति ?
जिला अध्यक्ष की घोषणा में जातीय समीकरण का खास ध्यान रखा गया है। जिन 11 जिला अध्यक्षों के नाम का ऐलान किया गया उसमें एक कश्यप, तीन ब्राह्मण, एक ठाकुर, दो मौर्य, एक कायस्थ, एक वैश्व और दो पासी हैं। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सिद्धार्थनगर जिले में पिछड़े वर्ग से आने वाले दीपक मौर्य को जिलाध्यक्ष घोषित कर जातीय समीकरण साधने की कोशिश की है। बीजेपी ने यूपी को छह क्षेत्रों, 98 संगठनात्मक जिलों और 1918 मंडलों में बांट रखा है।




