‘हाड़ा’ विकास सिंह
नेपाल डेस्क : रविवार को संघीय संसद के ऊपरी सदन राष्ट्रीय सभा की खाली सीटों के लिए हुए चुनाव में नेपाली कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए नौ सीटों पर जीत हासिल की है। इसके बाद नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी यानी नेकपा (एमाले) को आठ सीटें मिलीं, जबकि लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने एक सीट पर जीत दर्ज की। राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (राप्रपा) ने इस चुनाव में भाग नहीं लिया।
चुनाव से पहले कांग्रेस-एमाले में समझौता
चुनाव से पहले लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी, नेपाली कांग्रेस और (एमाले) के बीच ऊपरी सदन की रिक्त सीटों को लेकर आपसी समझौता हुआ था, जिसके तहत तीनों दलों ने संयुक्त रणनीति के साथ चुनाव लड़ा। कुल 19 सीटें खाली थीं, जिनमें से 18 सीटों पर चुनाव हुए, जबकि एक सीट पर राष्ट्रपति द्वारा मनोनयन किया जाना है।
वोटिंग प्रक्रिया में भाग लेते मतदाता
शांतिपूर्ण मतदान, रिकॉर्ड टर्नआउट
चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे (स्थानीय समय) तक चला, जिसमें 95.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। आयोग ने बताया कि मतदान प्रक्रिया पूरे देश में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। चुनाव आयोग के प्रवक्ता नारायण प्रसाद भट्टराई ने बताया कि राष्ट्रीय सभा में कुल 18 रिक्त पद थे, जिसमें कोशी प्रदेश की ‘खस आर्य’ श्रेणी की एक सीट पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ। इस सीट पर नेपाली कांग्रेस के सुनील बहादुर थापा निर्विरोध निर्वाचित हुए, इसलिए केवल 17 सीटों के लिए मतदान कराया गया।
प्रांतवार विजेता उम्मीदवार
• बागमती प्रदेश से नेपाली कांग्रेस की गीता देवकोटा और प्रेम प्रसाद दंगाल निर्वाचित हुए।
• गंडकी प्रदेश से नेकपा (एमाले) की संझना देवकोटा और नेपाली कांग्रेस के जगत तिमिल्सिना राष्ट्रीय सभा सदस्य बने।
• लुंबिनी प्रदेश से नेपाली कांग्रेस के बासुदेव जंगली और चंद्र बहादुर केसी निर्वाचित हुए, जबकि नेकपा (एमाले) की ओर से रामकुमारी झाक्री ने जीत दर्ज की।
• कर्णाली प्रदेश से नेपाली कांग्रेस के ललित जंग शाही और नेकपा (एमाले) की मीना सिंह रखाल निर्वाचित हुईं।
नेपाली कांग्रेस झंडा
राष्ट्रीय सभा में सीटों का नया समीकरण
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, रविवार के चुनाव परिणामों के बाद नेपाली कांग्रेस के पास अब राष्ट्रीय सभा में कुल 25 सीटें हो गई हैं। जिससे वह 59 सदस्यीय सदन में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी 18 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है, जबकि मौजूदा चुनाव के बाद नेकपा (एमाले) की सीटों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।
राष्ट्रीय सभा की संरचना
राष्ट्रीय सभा की कुल 59 सीटों में से हर दो साल में एक-तिहाई सीटें खाली होती हैं। सात प्रांतों से आठ-आठ सदस्य चुने जाते हैं, जिससे कुल 56 सीटें बनती हैं, जबकि शेष तीन सदस्यों का नामांकन राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है।
नारायण भट्टराई, प्रवक्ता, निर्वाचन आयोग
मतदान प्रक्रिया और मतदाता
राष्ट्रीय सभा के सदस्यों के चुनाव में प्रांतीय विधानसभा के सभी सदस्य, सभी नगरपालिकाओं के मेयर और डिप्टी तथा तथा ग्रामीण नगरपालिकाओं के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष मतदाता होते हैं। निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता नारायण भट्टराई के अनुसार राष्ट्रीय सभा चुनाव के लिए पहले निर्धारित मत-भार में संशोधन किया गया है, क्योंकि कुछ प्रतिनिधियों ने इस्तीफा देकर 5 मार्च को होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी दाखिल की है।




