अंधकार होने पर दीपक बनने की जरूरत : राजीव नयन; विराट पथ संचलन का माताओं-बहनों ने पुष्प वर्षा कर उतारी आरती

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• शोहरतगढ़ कस्बे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से निकाला गया विराट पथ संचलन 
• शताब्दी वर्ष के मौके पर आयोजित किया गया एकत्रीकरण/पथ संचलन कार्यक्रम 

सिद्धार्थनगर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर मंगलवार को शताब्दी वर्ष के मौके पर शोहरतगढ़ कस्बे में विराट पथ संचलन निकाला गया। कस्बे के श्रीराम जानकी मंदिर से निकला संचलन विभिन्न मार्गों से होते हुए संपन्न हुआ। इस दौरान जगह-जगह माताओं बहनों ने पुष्प वर्षा कर आरती उतारी। कस्बे में इस ऐतिहासिक अविस्मरणीय क्षण को देख लोग प्रसन्न हो उठे।

शताब्दी वर्ष के मौके पर शोहरतगढ़ कस्बे में आयोजित विराट पथ संचलन ऐतिहासिक और अविस्मरणीय रहा। श्रीराम जानकी मंदिर से प्रारंभ हुए संचलन में हजारों की संख्या में स्वयंसेवक शामिल हुए। यह सभी स्वयंसेवक 10 वाहिनी में एक शिक्षक की अगुवाई में चलते रहें। पूरे संचलन में घोष आकर्षक का केंद्र रहा। संचलन प्रारंभ होते ही पूरे नगर में उत्सव का का माहौल बन गया। जगह-जगह माताएं, बहनें, बड़े- बुजुर्ग पुष्प वर्षा कर मां भारती के सपूत संघ के स्वयंसेवकों का स्वागत किया। गड़ाकुल, भारत माता चौक, मोती नेता तिराहा, नीबी दोहनी के कई स्थानों पर लोगों ने पुष्प वर्षा के साथ आरती उतारी और घंटा घड़ियाल बजाकर स्वागत किया है। नीबी दोहनी में अभय सिंह के नेतृत्व में लगभग 50 मीटर की दूरी में केसरिया गमछा पहनकर दोनों तरफ खड़े लोगों ने स्वागत किया। यह आकर्षण का केंद्र रहा। पथ संचलन में शामिल स्वयंसेवक अनुशासन, राष्ट्र भक्ति व समर्पण का संदेश देते रहे। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला प्रचारक विशाल, जिला कार्यवाह शिवेंद्र सिंह, पंकज श्रीवास्तव, संतोष सिंह, अरुणेश मणि त्रिपाठी, राममिलन त्रिपाठी, राजेश आर्य, आदित्य कसौधन, आयुष निगम, सूरज निगम, रामदास पांडेय, सुजीत अग्रहरि, रिशू अग्रहरि, लक्षय अग्रहरि, अमित चौधरी, चंद्रशेखर सिंह, अखिलेश वर्मा, बब्लू गौड़, रिक्की अग्रहरि, हर्षित शर्मा, शुभम शर्मा, कन्हैया पासवान, डा. पवन मिश्रा, सचमुच त्रिपाठी, अभय सिंह, सौरभ गुप्ता आदि मौजूद रहे।

पथ संचलन में सहभागी स्वयंसेवक

इस मार्ग से निकला पथ संचलन
संघ का कार्यक्रम श्रीराम जानकी मंदिर से प्रारंभ होकर सीएचसी, गड़ाकुल तिरंगा तिराहा, वापस सीएचसी, नगर पंचायत कार्यालय, गोलघर, भारत माता चौक, सोनारी मोहल्ला, शहीद बुधई स्मारक गली (रमजान गली), मोती नेता तिराहा, नीबी दोहनी, मुख्य मार्ग सड़क, वापस मोती नेता तिराहा, पुलिस पीकेट, श्रीराम जानकी मंदिर पहुंच कर संपन्न हुआ।

स्वयंसेवकों को अपना पाथेय प्रदान करते विभाग प्रचारक राजीव नयन

अंधकार होने पर दीपक बनने की जरूरत
संचलन प्रारंभ होने से पहले स्वयंसेवकों को विभाग प्रचारक राजीव नयन का पाथेय प्राप्त हुआ। इस दौरान उन्होंने कहा कि समाज में अंधकार होने पर दीपक बनकर जलना पड़ता है। अंग्रेजी हुकूमत के समय अंग्रेज परेशान थे कि देश में राष्ट्र भक्ति कहां से आ रही है। उन्हें यह नहीं पता था कि जब वह सो रहे थे तब शाखा में राष्ट्र भक्ति सीख कर स्वयंसेवक घर लौट आता था। यह संघ की व्यवस्था थी। वहीं संघ कई यातनाओं के बाद भी स्वामी विवेकानंद की सोच के संकल्प को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। महाराणा प्रताप ने अकबर जैसे आतातायियों को ललकारने का कार्य किया था। उन्होंने कहा था कि घास की रोटी खा कर तपस्या कर लूंगा, लेकिन मेवाण गुलाम नहीं होने दूंगा। महाराजा सुहेलदेव ने अकबर के लोगों को गाजर-मूली की तरह काटकर हिंदू समाज की रक्षा की थी। देश में अनेक क्रांतिकारी पैदा हुए। भारत माता गुलामी की बेडियों में जकड़ी थी। इसे आजाद कराने के लिए भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु, बिस्मिल जैसे क्रांतिकारियों ने बलिदान देकर भारत माता को आजाद कराया। साधना, तप, तपस्या भारत में होता है। हम जिस धरती पर रहते हैं उसे भारत नहीं बल्कि भारत माता मानते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रांत बौद्धिक प्रमुख डॉ. अरविंद सिंह ने करते हुए अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। समापन जिला संघचालक गोकुल गोयल ने की।

Vikas News
Author: Vikas News

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