सिद्धार्थनगर : इंडो-नेपाल के भारतीय सीमाई नगर बढ़नी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष भव्यता के साथ व अनुशासित ढंग से मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने घोष के साथ पथ संचलन निकाला। नागरिकों ने कई स्थानों पर पुष्प वर्षा कर पथ संचलन का स्वागत किया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बढ़नी खंड का शताब्दी समारोह कस्बे के श्रीरामलीला मैदान में भव्य व अनुशासित रूप से मनाया गया। समारोह के मुख्य वक्ता रहे गोरक्ष प्रांत प्रचारक प्रमुख डॉ. अवधेश ने संघ की स्थापना, उसके सौ वर्षों में किए गए कार्यों, समर्पण पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए स्वयंसेवकों एवं नागरिक समाज से कहा कि क्रांतिकारी डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने विजयादशमी के दिन समाज को संगठित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी, जिसके स्वयंसेवक आज समाज के हर क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से समाज सेवा और समाज जागरण का कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संघ न केवल राष्ट्र को एकजुट करने का काम करता है, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान तथा उसके बाद राहत एवं पुनर्वास कार्यों में भी सक्रिय योगदान देता रहा है। उन्होंने सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण एवं नागरिक कर्तव्य आदि पंच परिवर्तनों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पांचों पहलुओं के संतुलित विकास से ही राष्ट्र की प्रगति और समाज का पुनर्निर्माण संभव है।

इन मार्गों से निकला पथ संचलन
बौद्धिक कार्यक्रम के बाद जिला प्रचारक विशाल के देखरेख में पथ संचलन निकाला गया, जो पोस्ट ऑफिस रोड, गोला बाजार, बैंक एरिया, बढ़नी डिहवा, तिरंगा तिराहा, माल गोदाम तिराहा, स्टेशन रोड, नेपाल रोड, रामजानकी मंदिर मार्ग होते हुए पुनः एकत्रीकरण स्थल श्रीरामलीला मैदान पहुंच कर संपन्न हो गया। संचलन में घोष दल के साथ कदमताल मिलाते हुए सैकड़ों स्वयंसेवकों की अनुशासित कतारें राष्ट्रभक्ति का संदेश दे रही थीं।
विजय पांडेय ने एकल गीत प्रस्तुत तथा कुशल गुप्ता ने अमृतवचन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ स्वयंसेवक नंदकिशोर गुप्ता ने की। खंड कार्यवाह डॉ. राजन उपाध्याय ने सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया। अंत में जलपान कराकर समारोह संपन्न हो गया।
इस दौरान ये हुए सहभागी
इस दौरान जिला संघचालक गोकुल गोयल, बढ़नी चेयरमैन सुनील अग्रहरि, अजय जायसवाल, सचिन गोयल, कमल मित्तल, रानू श्रीवास्तव, राकेश सिंह, अजय प्रताप गुप्त, त्रियुगीनाथ अग्रहरि, हरिकेश पाठक, रितेश शर्मा, सतीश शर्मा, विनीत कमलापुरी, प्रदीप कमलापुरी, राजकुमार अग्रहरि, अखिलेश मद्धेशिया, मिथिलेश सिंह, अजय प्रताप यादव, राजू शाही, गुलाब चंद्र अग्रवाल, संतोष गुप्ता, प्रदीप कमलापुरी, संजय मित्तल, ऋषभ मोदनवाल, अमित मौर्य, गणेश अग्रहरि, सूरज अग्रहरि, विनय अग्रहरि, रामराज कन्नौजिया, शिवाजी मिश्रा, राम पाठक, सत्य प्रकाश धर दूबे, विवेक गुप्ता, सरदार राजेंद्र सिंह सलूजा, रमेश मौर्या, संजय जायसवाल, राजेश्वर सिंह, श्रीनिवास मिश्रा आदि सहभागी रहे।




