Gen-Z आंदोलन :19 मौतों के बाद नेपाल सरकार ने सोशल मीडिया बंद करने का फैसला वापस लिया; भारी विरोध व सत्तारूढ़ दलों के दबाव में सरकार पीछे हटी

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नेपाल : नेपाल में सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ 18 से 30 वर्ष के युवाओं के समूह Gen-Z द्वारा राजधानी काठमांडू में किए जा रहे भारी विरोध प्रदर्शन में पुलिस की गोलीबारी से 19 मौतों के बाद सरकार ने सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के अपने फैसले को वापस ले लिया है। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग ने बताया कि सोमवार की देर रात हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को फिर से चालू करने का फैसला लिया गया।

नेपाल के सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग ने कहा कि मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए उक्त फैसले के बाद सोशल मीडिया फिर से चालू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को सोशल मीडिया बंद करने के अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है। कहा कि सोशल मीडिया खोलने का बहाना बनाकर विरोध प्रदर्शन करने के कारण यह फैसला लिया गया है।

प्रधानमंत्री केपी शर्मा ‘ओली’ ने मंत्रिपरिषद को बताया कि प्रतिबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह नेपाल के राष्ट्रीय गौरव का सम्मान नहीं करता है। एक मंत्री के अनुसार, ‘एक्स’ ने कहा है कि वह नेपाल में पंजीकरण नहीं कराएगा। हम डेढ़ साल से यही कह रहे हैं। हमने कहा था कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सूचीबद्ध कराएं और नेपाल के कानूनों का पालन करें। यह राष्ट्रीय गौरव का मामला है। प्रधानमंत्री ओली ने कहा कि रजिस्ट्रेशन न कराने की घोषणा करके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ ने हमारे राष्ट्रीय गौरव पर हमला किया है। किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म द्वारा इस तरह किसी देश का अपमान करना क्या जायज़ है ? क्या वे देश का अपमान करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को खोल दें ?

सोमवार को Gen-Z के विरोध प्रदर्शन के कारण काठमांडू में सत्रह और इटहरी में दो लोगों की जान चली गई। प्रदर्शनकारियों के कड़े विरोध और सत्तारूढ़ दल के दबाव के बाद सरकार को आखिरकार अपने फैसले से पीछे हटना पड़ा।

सूचना, संचार एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा 3 सितंबर को 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बंद करने का निर्णय लिया था। इन प्लेटफॉर्म ने सूचना, संचार एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था। इसके लिए मंत्रालय में 28 अगस्त को आदेश जारी कर 7 दिन का समय दिया था। वह समय सीमा 2 सितंबर को खत्म हो गई।

Vikas News
Author: Vikas News

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