सिद्धार्थनगर : अपने शौक पूरे करने के लिए बंद व गांव में किनारे बने मकानों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह के 5 सदस्यों को सिद्धार्थनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी किए गए गहने और सामान बरामद हुए हैं। पांचों आरोपियों को पुलिस ने न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
सदर क्षेत्राधिकारी विश्वजीत सौरयान ने बताया कि मुख्यालय स्थित बांसी स्टैंड पर बने पिंक बूथ पर सिद्धार्थनगर कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर दुर्गा प्रसाद एवं मोहाना थानाध्यक्ष रोहित उपाध्याय अपनी टीम के साथ क्षेत्र में हो रही चोरी की घटनाओं के बारे में चर्चा कर रहे थे।
मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई
मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि बिना नंबर प्लेट की एक अपाचे बाइक पर संदिग्ध व आपराधिक प्रवृत्ति के तीन लोग भारत माता तिराहे से आगे खड़े हैं और रात में दो अन्य लोगों के साथ नेपाल भागने की फिराक में हैं। सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में युवकों ने अपना नाम मो. शमशाद पुत्र तेज खां निवासी गोपीजोत थाना मोहाना जनपद सिद्धार्थनगर, तौफीक अहमद पुत्र असगर अली निवासी गोपीजोत थाना मोहाना जनपद सिद्धार्थनगर, शहजाद अहमद पुत्र रमजान निवासी परसा महापात्र थाना कोतवाली सिद्धार्थनगर जनपद सिद्धार्थनगर, लड्डू पुत्र विक्रम हरिजन निवासी कोरीपुर थाना चिल्हिया जनपद सिद्धार्थनगर, सदरे आलम पुत्र रियासत अली निवासी भौराजोत थाना कोल्हुई जिला महाराजगंज बताया।
इनके पास से चोरी के पीली धातु की चार अंगूठी, तीन मांग टीका, दो मक्खी, दो लॉकेट मंगलसूत्र, एक नाक की कील सहित सफेद धातु की दो कर्धनी, एक जोडी पाजेब, तीन जोड़ी पायल, चार जोड़ी बिछिया, दो मोबाइल, चोरी के सामान से बेचे गए और चुराए गए 20 हजार रुपये, बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद हुई। सभी आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायालय ने इन्हें जेल भेज दिया।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में ये रहे शामिल
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में सिद्धार्थनगर कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर दुर्गा प्रसाद, मोहाना थानाध्यक्ष एसआई रोहित उपाध्याय, एसआई ग्यासुद्दीन खां, एसआई राहुल गुप्ता, एसआई विनय कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल संजय यादव, विनय यादव, संजय चौरसिया, कांस्टेबल शुभम रावत, समर बहादुर यादव, दीपक शुक्ला, सूरज गुप्ता, राजन सिंह, मनोज यादव, अक्षय गुप्ता आदि शामिल रहे।
पकड़े गए आरोपियों का कबूलनामा, पहले करते थे रेकी
पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि इन लोगों का चोरी करने का गिरोह है। जो दिन में घूमकर बंद मकानों व गांव में किनारे बने मकानों की रेकी करके रात में जाकर चोरी करते थे। गैंग ने खुलासा किया कि वे चोरी से मिले माल को नेपाल में ले जाकर बेच देते थे और उससे मिले पैसों को आपस में बराबर बांटकर अपना शौक पूरा करते थे।




