‘हाड़ा’ विकास सिंह
सिद्धार्थनगर : माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में कार्यरत कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मो. नौशाद आलम के अनुभव प्रमाणपत्र को लेकर उठे विवाद पर नया घटनाक्रम सामने आया है। मेजर शिव दयाल सिंह चिकित्सा ट्रस्ट (मेजर एसडी सिंह मेडिकल कॉलेज), फर्रुखाबाद के सचिव डॉ. जितेंद्र सिंह ने नोटरी के समक्ष दिए गए शपथपत्र/बयान में स्पष्ट किया है कि अनुभव प्रमाणपत्र पर अंकित हस्ताक्षर उनके ही हैं तथा प्रमाणपत्र वैध है।
जानकारी के अनुसार, प्रो. डॉ. मो. नौशाद आलम ने वर्ष 2018 में फर्रुखाबाद स्थित मेजर एसडी सिंह मेडिकल कॉलेज में सेवाकाल के दौरान यह अनुभव प्रमाणपत्र प्राप्त किया था। हाल के दिनों में उनके अनुभव प्रमाणपत्र पर ट्रस्ट सचिव के हस्ताक्षरों को संदिग्ध बताते हुए सवाल उठाए गए थे।
इस संबंध में ट्रस्ट सचिव डॉ. जितेंद्र सिंह ने 14 जुलाई 2026 को नोटरी के समक्ष दिए गए बयान में प्रमाणित किया कि अनुभव प्रमाणपत्र पर किए गए हस्ताक्षर उनके स्वयं के हैं और प्रमाणपत्र पूर्णतः वैध है। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार, प्रो. डॉ. मो. नौशाद आलम ने 21 जुलाई 2017 से 28 फरवरी 2018 तक मेजर एसडी सिंह मेडिकल कॉलेज, फर्रुखाबाद में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में सेवाएं दी थीं।
प्रो. डॉ. मो. नौशाद आलम का कहना है कि उन्होंने मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक चिकित्सक की कथित फर्जी पीएचडी डिग्री के मामले को लेकर शासन एवं उच्चाधिकारियों से शिकायत की है। उनके अनुसार, इसी कारण उन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से उनके अनुभव प्रमाणपत्र की वैधता पर सवाल उठाए गए। उन्होंने कहा कि उनका अनुभव प्रमाणपत्र पूरी तरह वैध है और वे मेडिकल कॉलेज के हित से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे।
इस मामले में नोटरी के समक्ष ट्रस्ट सचिव द्वारा हस्ताक्षरों की पुष्टि किए जाने के बाद अनुभव प्रमाणपत्र की प्रामाणिकता को लेकर उठे विवाद पर फिलहाल विराम लग गया है।
Author: Vikas News
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