सिद्धार्थनगर : देश दुनिया को भारत के गौरवशाली अतीत से परिचय कराने का काम महापुरुष स्वामी विवेकानंद ने सैकड़ों वर्ष पहले ही कराया। देशवासियों के प्रेरणास्रोत रहे स्वामी जी ने जीवन जीने का तरीका बताते हुए देश के नागरिकों में राष्ट्रीय चेतना को जगाने और राष्ट्र प्रेम भावना को भरने का काम किया। सभ्य समाज व राष्ट्र के निर्माण में युवाओं की भूमिका काफ़ी अहम है।

उक्त बातें नगर पंचायत बढ़नी में महापुरुष स्वामी विवेकानंद के जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाते हुए यूथ हॉस्टल एसोसिएशन बढ़नी इकाई चेयरमैन कृष्ण गोपाल जायसवाल ने कहीं। कहा कि भारत देश की धराधाम पर जन्मे स्वामी जी का जीवन दर्शन देश ही नहीं अपितु पूरे विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को आत्मसात करने का संदेश देता है।
पूर्व प्रधानाचार्य रामेश्वर प्रसाद आचार्य ने कहा कि स्वामी विवेकानंद में पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा, सकारात्मक विचार की भावना कूटकूट कर भरी हुई थी। सकारात्मक सोच देशवासियों में होने पर देश उन्नति के रास्ते पर आगे बढ़ सकता है। पुराने गौरव को वापस प्राप्त करने और आधुनिक भारत को विश्व पटल पर पहुचाने में प्रत्येक नागरिक का योगदान जरूरी है। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मनुष्य को सतत पर्यत्नशीलता रखनी चाहिए।

वरिष्ठ पत्रकार अजय प्रताप गुप्त ने यूथ हॉस्टल के नेचर स्टडी व अन्य कार्यक्रमों की जानकारी देकर लोगों को लाभ उठाने के लिए आह्वान किया। वर्तमान में रोहतांग लेह बाइक यात्रा के बारे में लोगों को बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं को राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिये ततपर होने की जरूरत है। नशा व अन्य कुरीतियों युवाओं को बचना होगा। चिंतन, चरित्र व व्यवहार को लेकर मनुष्य को गंभीर रहना चाहिए। कहा कि कर्तव्य व अधिकार का समुचित बोध कर समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आध्यात्मिक, युवाओं के प्रेरणा स्रोत, रहे स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन से सीख लेने की जरूरत है।
विचार गोष्ठी व जयंती कार्यक्रम की अध्यक्षता वाईएचए के बढ़नी यूनिट अध्यक्ष विजय जायसवाल ने की।कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर व दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। समाज में ज्ञान की ज्योति को फैलाने और और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने व समाज व राष्ट्र प्रेम भावना के लिए प्रेरित करने का संकल्प किया।
इस दौरान इफ़्तेख़ार अहमद, हरगोविंद मिश्रा, मुकुल शर्मा, मुस्तन शेरुल्लाह, रामसुध, अब्दुल कयूम, प्रदीप कमलापुरी आदि मौजूद रहे।




