सिद्धार्थनगर : विश्व हिंदू परिषद एवं विश्व हिंदू रक्षा संगठन के संयुक्त नेतृत्व में बढ़नी कस्बे में सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह के गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों- साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह का शहादत दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस दौरान गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों के अद्वितीय साहस और बलिदान को स्मरण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि वीर बालकों का त्याग देश और समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

बढ़नी कस्बे के माल गोदाम तिराहे पर आयोजित शहादत दिवस पर विश्व हिंदू परिषद एवं विश्व हिंदू रक्षा संगठन के कार्यकर्ताओं ने साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

चेयरमैन सुनील अग्रहरि ने कहा कि बहुत कम उम्र में साहिबज़ादों ने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए जिस वीरता और अडिग संकल्प का परिचय दिया, वह सम्पूर्ण भारतवर्ष के लिए प्रेरणास्रोत है।

भाजपा जिला उपाध्यक्ष विनीत कमलापुरी ने कहा कि साहिबज़ादों का बलिदान यह सिखाता है कि धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए त्याग ही सर्वोच्च मार्ग है।
अंत में दो मिनट का मौन रखकर शहीद साहिबज़ादों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अध्यक्षता सरदार हरिभजन सिंह ने किया।

इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री शिवाजी, जिला उपाध्यक्ष संजय मित्तल, प्रखंड मंत्री शुभम गुप्ता एवं विश्व हिंदू रक्षा संगठन के उत्कर्ष श्रीवास्तव, श्याम सुंदर, संजय मोदनवाल, मोहन कसौधन, रमेश चौधरी, राजकपूर, सरदार बिल्लू सिंह सहित गायत्री परिवार के मुख्य ट्रस्टी डॉ. विश्वंभर सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता व सभासद त्रियुगी नाथ अग्रहरि आदि मौजूद रहे।




