सिद्धार्थनगर : बढ़नी कस्बे के सरस्वती शिशु मंदिर के प्रांगण में वैश्य समाज के महानायक और अग्रकुल शिरोमणि महाराजा अग्रसेन की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस दौरान सभी ने समाज के उत्थान के लिए एक दूसरे का सहयोग करने पर बल दिया।
महाराजा अग्रसेन की जयंती पर बढ़नी कस्बे के सरस्वती शिशु मंदिर के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में उनके चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
वरिष्ठ भाजपा नेता व सभासद त्रियुगीनाथ अग्रहरि ने कहा कि यह हम सभी के लिए गौरव का क्षण है कि हम महाराजा अग्रसेन की जयंती नवरात्रि के प्रथम दिन मनाकर उनके आदर्शों को स्मरण करते हैं। उन्होंने बताया कि महाराजा अग्रसेन न केवल एक न्यायप्रिय शासक थे, बल्कि उन्होंने लोकतांत्रिक शासन प्रणाली, धार्मिक स्वतंत्रता और पशुबलि पर प्रतिबंध जैसी अनेक ऐतिहासिक पहल की थी।
कार्यक्रम आयोजक विनय अग्रहरि ने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने राम, कृष्ण और महात्मा बुद्ध की भांति त्याग, तपस्या, प्रेम और भाईचारे को जीवन में उतारा और समाज को संगठित किया। आज वैश्य समाज न केवल व्यापार के क्षेत्र में बल्कि प्रशासन, राजनीति और सामाजिक कार्यों में भी अपनी उल्लेखनीय भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विष्णु अग्रहरि ने किया।
इस दौरान संतराम अग्रहरि, गणेश अग्रहरि, रवि अग्रहरि, सुभाष अग्रहरि, मिथुन अग्रहरि, विजय अग्रहरि, सत्यप्रकाश अग्रहरि, संजय मित्तल, रिंकू अग्रहरि आदि मौजूद रहे।




