• अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं, ओटी, लाइसेंस और मानकों की होगी जांच
‘हाड़ा’ विकास सिंह
सिद्धार्थनगर : बढ़नी कस्बे स्थित अल हयात हेल्थ केयर एंड फ्रैक्चर क्लीनिक में नवजात की मृत्यु के मामले को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. रजत कुमार चौरसिया के निर्देश पर मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। समिति को एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
मामले की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ऑपरेशन थिएटर, साफ-सफाई, उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, आवश्यक उपकरणों तथा अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। इस दौरान कई बिंदुओं पर अस्पताल प्रबंधन को निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
नैदानिक स्थापना के नोडल अधिकारी डॉ. मानवेंद्र पाल ने बताया कि जांच समिति अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, ऑपरेशन थिएटर, आवश्यक लाइसेंस, उपकरणों तथा अन्य निर्धारित मानकों की विस्तृत जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल के प्रबंधक डॉ. बिलाल सीजेरियन प्रसव कराने वाली महिला की केसशीट प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके अलावा एनेस्थीसिया विशेषज्ञ एवं सर्जन की उपलब्धता के संबंध में भी संतोषजनक जानकारी नहीं दे पाए, जिस पर जांच अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया।
डॉ. मानवेंद्र पाल ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में लापरवाही, नियमों का उल्लंघन अथवा निर्धारित मानकों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित अस्पताल के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि नवजात की मृत्यु के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
जांच समिति में शामिल अधिकारी
सीएमओ द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति में नैदानिक स्थापना के नोडल अधिकारी डॉ. मानवेंद्र पाल, शोहरतगढ़ सीएचसी के अधीक्षक डॉ. ए.के. आजाद तथा बढ़नी पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अविनाश चौधरी को शामिल किया गया है।
बढ़नी कस्बे के अल हयात हेल्थ केयर एंड फ्रैक्चर क्लीनिक में नवजात की मौत की सूचना मिली है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
– डॉ. रजत कुमार चौरसिया
सीएमओ, सिद्धार्थनगर





