भारत-नेपाल ऊर्जा सहयोग को नई मजबूती, पोखरा में JSC और JWG की 13वीं बैठक संपन्न

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• बिजली व्यापार, ट्रांसमिशन नेटवर्क, जलविद्युत और ग्रीन हाइड्रोजन सहयोग पर बनी सहमति

‘हाड़ा’ विकास सिंह
पोखरा (नेपाल) : भारत और नेपाल के बीच ऊर्जा क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए संयुक्त निर्देशक समिति (Joint Steering Committee-JSC) और संयुक्त कार्यदल (Joint Working Group-JWG) की 13वीं बैठक नेपाल के पर्यटन नगरी पोखरा में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में सीमा-पार बिजली व्यापार, जलविद्युत परियोजनाओं, ट्रांसमिशन नेटवर्क और स्वच्छ ऊर्जा सहयोग को लेकर कई अहम मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

15 जुलाई 2026 (31 असार 2083) को आयोजित संयुक्त निर्देशक समिति (JSC) की बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल तथा नेपाल सरकार के ऊर्जा, जलस्रोत एवं सिंचाई मंत्रालय की सचिव सरिता दवाडी ने की। इससे एक दिन पूर्व 14 जुलाई 2026 (30 असार 2083) को संयुक्त कार्यदल (JWG) की बैठक आयोजित हुई, जिसकी सह-अध्यक्षता भारत के विद्युत मंत्रालय के सह-सचिव (प्रसारण) पंकज कुमार और नेपाल के ऊर्जा मंत्रालय के सह-सचिव सन्दीप कुमार देव ने की।

बैठक में दोनों देशों के बीच जलविद्युत परियोजनाओं के विकास, सीमा-पार विद्युत व्यापार तथा ट्रांसमिशन अवसंरचना की प्रगति की व्यापक समीक्षा की गई। विशेष रूप से 400 केवी गोरखपुर-न्यू बुटवल अंतरदेशीय ट्रांसमिशन लाइन सहित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया। साथ ही वर्तमान में निर्माणाधीन और प्रस्तावित विद्युत उत्पादन एवं प्रसारण परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए आवश्यक उपायों पर सहमति बनी।

बैठक के दौरान भारतीय और नेपाली पावर ग्रिड के बेहतर समन्वित संचालन, सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार, ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में सहयोग तथा नेपाली ऊर्जा विशेषज्ञों के क्षमता विकास (कैपेसिटी बिल्डिंग) जैसे विषयों पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। दोनों देशों ने ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी सहयोग और ज्ञान साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

संयुक्त निर्देशक समिति की बैठक से पहले 14 जुलाई को भारत के विद्युत सचिव पंकज अग्रवाल ने नेपाल के ऊर्जा, जलस्रोत एवं सिंचाई मंत्री विराज भक्त श्रेष्ठ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों पक्षों ने ऊर्जा सहयोग को नई दिशा देने और साझा हितों से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा की।

बैठक के समापन पर दोनों देशों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस उच्चस्तरीय संवाद से भारत-नेपाल ऊर्जा साझेदारी को नई गति मिलेगी। सीमा-पार बिजली व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा विकास और क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग और अधिक मजबूत होगा, जिससे दोनों देशों के दीर्घकालिक आर्थिक एवं रणनीतिक संबंधों को भी नई मजबूती प्राप्त होगी।

मुख्य बिंदु :
• पोखरा में JSC और JWG की 13वीं बैठक सफलतापूर्वक संपन्न।
• सीमा-पार बिजली व्यापार और जलविद्युत परियोजनाओं की समीक्षा।
• 400 केवी गोरखपुर-न्यू बुटवल ट्रांसमिशन लाइन की प्रगति पर संतोष।
• सौर ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और क्षमता विकास पर विशेष जोर।
• भारत और नेपाल ने ऊर्जा सहयोग को और व्यापक बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

Vikas News
Author: Vikas News

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