‘हाड़ा’ विकास सिंह
पोखरा (नेपाल) : नेपाल पुलिस ने भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्र में संचालित नकली नेपाली मुद्रा छापने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक भारतीय नागरिक समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 1,000 नेपाली रुपये मूल्यवर्ग के कुल 1,203 नकली नोट (581 पहले बरामद और 622 तैयार नकली नोट), नोट छापने की मशीनें, प्रिंटर, लैपटॉप, केमिकल तथा अन्य उपकरण बरामद किए हैं। मामले की जांच लुम्बिनी प्रदेश पुलिस के नेतृत्व में जारी है।

QR भुगतान से खुला जाली नोटों का राज
जिला पुलिस कार्यालय भैरहवा, रुपन्देही के डीएसपी/सूचना अधिकारी कृष्ण कुमार चंद ने बताया कि बीते 10 जुलाई को गंगा कुमारी पूर्वछाने ने एक परिचित से क्यूआर के माध्यम से 2,100 नेपाली रुपये ट्रांसफर करवाए। इसके बदले उसने पीड़ित को 1,000-1,000 रुपये के दो नोट और 100 रुपये का एक नोट दिया। बाद में खरीदारी के दौरान दोनों 1,000 रुपये के नोटों पर एक ही सीरियल नंबर (ञ.663411) होने से उनके नकली होने का खुलासा हुआ। पीड़ित की शिकायत पर 12 जुलाई को इलाका पुलिस कार्यालय, बुटवल में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद लुम्बिनी प्रदेश पुलिस कार्यालय, जिला पुलिस कार्यालय रुपन्देही और इलाका पुलिस कार्यालय बुटवल की संयुक्त टीम ने “ऑपरेशन चार्ली” शुरू किया।

ऐसे पहुंची पुलिस गिरोह तक
सबसे पहले बुटवल-11, सृजनानगर निवासी 36 वर्षीय गंगा कुमारी पूर्वछाने को गिरफ्तार किया गया। उसके घर से 1,000 रुपये के 103 नकली नोट बरामद हुए।
पूछताछ में कास्की जिले के पोखरा निवासी किरण कृष्ण तिवारी उर्फ कृष्ण का नाम सामने आया। उसे गिरफ्तार करने पर उसके कब्जे से 478 नकली नोट बरामद हुए।
आगे की जांच में भक्तपुर निवासी रामचन्द्र खत्री की भूमिका सामने आई। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि रुपन्देही के बुटवल उपमहानगरपालिका-13, जितगढ़ी में किराये के दो कमरों में नकली नेपाली नोट छापने की फैक्ट्री संचालित की जा रही थी।
13 जुलाई को पुलिस ने फैक्ट्री पर छापा मारकर वहां से नकली नोट बनाने में प्रयुक्त मशीनें, विशेष कागज, केमिकल और अन्य उपकरण बरामद किए तथा गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया।

भारत के पश्चिम बंगाल का आरोपी भी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में भारत के पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी निवासी बासुमित्र आनंद भी शामिल है। उसके अलावा संजय थारु और पासाङ तामाङ को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ मुद्रा संबंधी अपराध का मामला दर्ज कर 14 जुलाई को रुपन्देही जिला अदालत से 5 दिन की रिमांड प्राप्त की गई है।
नेपाल पुलिस पूरे नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन, सीमा पार संभावित संपर्कों और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान में जुटी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस गिरोह के तार किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय नकली मुद्रा नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं।
बरामद सामान
• 1,000 नेपाली रुपये मूल्यवर्ग के कुल 1,203 नकली नोट
• फोटोकॉपी मशीन
• डेल (Dell) कंपनी का लैपटॉप
• हाई-क्वालिटी प्रिंटर
• नोट काटने की मशीन
• विशेष प्रिंटिंग पेपर का एक कार्टन
• लैमिनेशन मशीन
• नकली नोट बनाने में प्रयुक्त केमिकल
• प्लास्टिक शीट
• 6 मोबाइल फोन
सीमा सुरक्षा पर उठे सवाल
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि बुटवल भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित है और इस क्षेत्र से प्रतिदिन लोगों तथा वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि क्या नकली नेपाली मुद्रा को केवल नेपाल में खपाने की योजना थी या इसे भारत तक पहुंचाने का भी नेटवर्क सक्रिय था। फिलहाल पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस गिरोह का खुलासा नहीं होता तो नकली मुद्रा दोनों देशों की आर्थिक व्यवस्था और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी।
Author: Vikas News
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