सिद्धार्थनगर : भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बढ़नी बॉर्डर पर एक उज़्बेकी महिला को बिना वैध वीज़ा के पकड़ा गया। महिला को हिरासत में लेकर एसएसबी ने विस्तृत पूछताछ की और फिर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए ढेबरुआ पुलिस को सौंप दिया। वह बिना वैध वीजा के भारत से नेपाल जाने का प्रयास कर रही थी, जबकि नेपाल वीजा की अवधि भी समाप्त हो चुकी थी। पुलिस ने महिला के खिलाफ विदेशी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
एसएसबी 50वीं वाहिनी के बीओपी बढ़नी के असिस्टेंट कमांडेंट संजय केपी ने बताया कि शनिवार की शाम एसएसबी चेक पोस्ट पर जवान सीमा पार आवागमन करने वाले लोगों की रूटीन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान भारत से नेपाल की तरफ जा रही एक महिला की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। पूछताछ में वह हिंदी और अंग्रेजी बोलने में असमर्थ थी, जिस कारण गूगल ट्रांसलेटर की मदद से जानकारी ली गई। महिला ने अपना नाम जर्निगोर तुखताबोएवा (32) निवासी उज्बेकिस्तान बताया। जांच में उसके पास मौजूद पासपोर्ट से पता चला कि वह नेपाल के 15 दिन के वीजा पर थी, जिसकी वैधता समाप्त हो चुकी है, जबकि भारत में प्रवेश अथवा निवास का कोई वैध दस्तावेज उसके पास नहीं था।
जांच में पाया गया कि 19 अगस्त से दो सितंबर 2025 का 15 दिन के वीजा पर नेपाल के काठमांडू घूमने के लिए आई थी। इसकी अवधि बहुत पहले ही समाप्त हो चुकी थी। पूछताछ में उसने बताया कि दिल्ली से नेपाल जाने के लिए वह बढ़नी पहुंची और नेपाल में प्रवेश कर काठमांडू जाने वाली थी, तभी उसे एसएसबी के जवानों ने पकड़ लिया।
असिस्टेंट कमांडेंट ने बताया कि नियमानुसार महिला को सुरक्षित हिरासत में लेकर तत्काल ढेबरुआ पुलिस को सूचना दी गई और बाद में उसे उसके समस्त सामान के साथ पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। अब पुलिस यह जांच करेगी कि वीजा समाप्त होने के बाद वह भारत में थी या फिर नेपाल में। इसके बाद ही उसके मंसूबे और असलियत के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
एसएसबी द्वारा सुपुर्द की गई विदेशी महिला के खिलाफ विदेशी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। महिला का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उसे आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए कोर्ट में पेश किया जाएगा।
नारायन लाल श्रीवास्तव
थानाध्यक्ष ढेबरुआ




