‘हाड़ा’ विकास सिंह
सिद्धार्थनगर : ढेबरुआ थाना क्षेत्र के नगर पंचायत बढ़नी में धार्मिक आयोजनों, जुलूसों और प्रतिमा विसर्जन के दौरान तेज आवाज एवं अत्यधिक कंपन वाले डीजे के संचालन पर प्रभावी रोक लगाने की मांग उठी है। स्थानीय नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन से मुलाकात कर सामूहिक शिकायत पत्र सौंपा। शिकायत पत्र में ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 तथा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन कराने की मांग की गई है।
प्रतिनिधिमंडल में नगर पंचायत बढ़नी के भाजपा नेता राजकुमार सिंह उर्फ राजू शाही, समाजसेवी डॉ. राजन उपाध्याय, मीडियाकर्मी ‘हाड़ा’ विकास सिंह तथा भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष विनीत कमलापुरी शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को सौंपे शिकायत पत्र में बताया कि नगर क्षेत्र के विभिन्न वार्डों के दर्जनों नागरिकों ने हस्ताक्षर कर धार्मिक आयोजनों एवं प्रतिमा विसर्जन के दौरान निर्धारित ध्वनि सीमा और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
तेज आवाज से आमजन की परेशानी का हवाला
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कई आयोजनों में देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजाए जाने से आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से बुजुर्गों, नवजात शिशुओं, गर्भवती महिलाओं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों पर अत्यधिक ध्वनि का प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात कही गई है।
शिकायत पत्र में घबराहट, अनिद्रा, बेचैनी तथा अन्य शारीरिक एवं मानसिक परेशानियों का हवाला देते हुए ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी निगरानी की मांग की गई है।
डीजे के साथ पटाखों के इस्तेमाल पर भी चिंता
प्रतिनिधिमंडल ने धार्मिक आयोजनों के दौरान तेज आवाज वाले पटाखों के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, डीजे की तेज आवाज के साथ पटाखों के प्रयोग से ध्वनि एवं वायु प्रदूषण की समस्या और गंभीर हो जाती है।
इसके अलावा अत्यधिक कंपन वाले डीजे के लगातार संचालन से कुछ आवासीय भवनों में कंपन एवं दरार संबंधी शिकायतें सामने आने का भी उल्लेख किया गया है। संभावित दुर्घटना की आशंका को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों का निरीक्षण कर आवश्यक निवारक कार्रवाई की मांग की गई है।
परीक्षार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने का मुद्दा
प्रतिनिधिमंडल ने आगामी बोर्ड एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं की समस्याओं को भी अधिकारियों के सामने रखा। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजने से विद्यार्थियों की पढ़ाई, एकाग्रता और नींद प्रभावित होती है। ऐसे में परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के हित में भी ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है।
ध्वनि की जांच और निगरानी की मांग
सामूहिक शिकायत पत्र में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक से आगामी धार्मिक पर्वों एवं आयोजनों को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रभावी निगरानी के निर्देश देने की मांग की गई है। नागरिकों ने मुख्य रूप से निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर कार्रवाई, निर्धारित समय के बाद तेज आवाज में डीजे संचालन पर नियंत्रण तथा आयोजनों के दौरान ध्वनि की जांच, माप और निगरानी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
इसके साथ ही नियम विरुद्ध अथवा अनधिकृत रूप से उच्च ध्वनि वाले पटाखों के प्रयोग पर कार्रवाई, आयोजकों एवं डीजे संचालकों को ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों की जानकारी देने तथा उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
एसपी ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
शिकायतकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन से जनहित एवं कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बढ़नी में ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का निष्पक्ष एवं प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग की। साथ ही अत्यधिक तेज आवाज एवं उच्च कंपन वाले डीजे के अनियंत्रित संचालन पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई का आग्रह किया।
भाजपा नेता राजकुमार सिंह उर्फ राजू शाही ने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी डॉ. अभिषेक महाजन ने प्रभावी कदम उठाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने का आश्वासन दिया है।
Author: Vikas News
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