नेपाल बाढ़ त्रासदी : पीएम बालेन शाह बोले- राहत और बचाव में जुटी है सरकार, 50 से अधिक मौतें

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‘हाड़ा’ विकास सिंह
काठमांडू : रसुवा जिले की भोटेकोशी नदी में बुधवार सुबह आई भीषण बाढ़ ने नेपाल में भारी तबाही मचा दी है। इस आपदा में अब तक 50 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता और घायल हैं। बाढ़ से रसुवा, नुवाकोट, धादिङ और गोरखा जिलों में व्यापक जनधन की क्षति हुई है।
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने राष्ट्र के नाम संबोधन में मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह संकट केवल प्रभावित परिवारों का नहीं, बल्कि पूरे देश का दुःख है और सरकार हर पीड़ित के साथ मजबूती से खड़ी है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि आपदा की सूचना मिलते ही सरकार ने राहत और बचाव कार्यों के लिए सभी सरकारी तंत्र सक्रिय कर दिए। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण, राष्ट्रीय परिषद और मंत्रिपरिषद की आपात बैठकों में खोज, बचाव और राहत कार्यों को तेज करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
सरकार के अनुसार नेपाली सेना, सशस्त्र प्रहरी बल और नेपाल पुलिस की संयुक्त टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल तैनात किया गया है। सेना के हेलीकॉप्टरों की सहायता से अब तक 250 से अधिक लोगों का सुरक्षित उद्धार किया जा चुका है। घायलों को काठमांडू लाकर विभिन्न अस्पतालों में उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि घायलों का उपचार, लापता लोगों की खोज और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए वीर अस्पताल और राष्ट्रीय ट्रॉमा सेंटर में 100 बिस्तर आरक्षित किए गए हैं, जबकि अन्य अस्पतालों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की विशेष टीमें भेजी गई हैं।
उन्होंने बताया कि नुवाकोट के विदुर, रसुवा के उत्तरगया और गोसाइँकुण्ड, धादिङ के गजुरी, गल्छी, बेनीघाट, त्रिपुरासुन्दरी और सिद्धलेक तथा गोरखा के शहीद लखन और गण्डकी गांवपालिका सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। इन इलाकों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां और अस्थायी आवास की व्यवस्था की जा रही है।
प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़क, पुल, बिजली और पेयजल परियोजनाओं का प्राथमिकता के आधार पर पुनर्निर्माण किया जाएगा तथा विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
राष्ट्र के नाम संदेश में प्रधानमंत्री बालेन शाह ने सामाजिक संगठनों, उद्योग-व्यवसायियों, स्वयंसेवकों और आम नागरिकों से राहत कार्यों में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकजुटता और सामूहिक प्रयासों से ही इस विपदा से उबरना संभव है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लापता लोगों की तलाश और राहत अभियान पूरी रात जारी रहेगा।
Vikas News
Author: Vikas News

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