नेपाली कांग्रेस इतर समूह का राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न, संगठन की एकता और लोकतंत्र की रक्षा पर जोर

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‘हाड़ा’ विकास सिंह
काठमांडू : नेपाली कांग्रेस के इतर समूह का तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 14 से 16 अगस्त तक काठमांडू में संपन्न हुआ। सम्मेलन में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों की व्यापक समीक्षा करते हुए लोकतंत्र, नागरिक स्वतंत्रता, राष्ट्रीय स्वाधीनता, संवैधानिक व्यवस्था और पार्टी संगठन को मजबूत बनाने को प्राथमिकता देने का निष्कर्ष निकाला गया।
पूर्व पार्टी सभापति शेरबहादुर देउवा के प्रमुख आतिथ्य तथा पूर्व महामन्त्री एवं सम्मेलन आयोजन समिति के संयोजक प्रो. डॉ. शशांक कोइराला की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति के साथ-साथ नेपाली कांग्रेस के आंतरिक सांगठनिक विवादों पर भी गंभीर मंथन किया गया।
शहीदों और पार्टी के अग्रज नेताओं को श्रद्धांजलि
सम्मेलन ने नेपाल के लोकतांत्रिक आंदोलन के दौरान शहादत देने वाले वीर शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही देश, लोकतंत्र और नेपाली कांग्रेस के लिए जीवन समर्पित करने वाले अग्रज नेताओं तथा पार्टी के समर्पित सदस्यों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
लोकतंत्र के समक्ष बढ़ती चुनौतियों पर चिंता
राष्ट्रीय सम्मेलन ने छात्र संगठनों और ट्रेड यूनियनों पर नियंत्रण अथवा प्रतिबंध, नागरिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों तथा निजी क्षेत्र के प्रति दिखाई दे रहे हस्तक्षेप जैसी गतिविधियों को लेकर चिंता व्यक्त की। सम्मेलन का निष्कर्ष रहा कि ऐसी गतिविधियों से लोकतांत्रिक व्यवस्था के सामने नई चुनौतियां पैदा हो रही हैं।
सम्मेलन ने लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए नेपाली कांग्रेस को अधिक सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
महाधिवेशन विवाद पर भी चर्चा
सम्मेलन में नेपाली कांग्रेस के भीतर नियमित महाधिवेशन अथवा विशेष महाधिवेशन को लेकर उत्पन्न विवाद की भी समीक्षा की गई। सम्मेलन के अनुसार इस विवाद के कारण पार्टी के भीतर विभाजन जैसी स्थिति बनने की आशंका पैदा हुई है।
महाधिवेशन से संबंधित विवाद निर्वाचन आयोग से होते हुए सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचने और सर्वोच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच से आए फैसले पर भी सम्मेलन में चर्चा हुई।
सम्मेलन ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को तत्काल स्वीकार किए जाने के बावजूद उसके द्वारा प्रस्तुत आधार और प्रमाणों का पर्याप्त रूप से संबोधन नहीं हुआ है। सम्मेलन ने फैसले को त्रुटिपूर्ण बताते हुए पुनरावलोकन के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्णय किया।
सातों प्रदेशों से मिले सुझावों के बाद राष्ट्रीय सम्मेलन
सम्मेलन के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का पूर्णपाठ आने में समय लगने के दौरान चौदहवें महाधिवेशन से निर्वाचित केंद्रीय कार्यसमिति ने पार्टी की नई परिस्थितियों के अनुरूप कार्यदिशा तय करने के लिए विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारी संभाल चुके नेताओं और कार्यकर्ताओं से राय-सुझाव लिए।
इसी उद्देश्य से नेपाल के सातों प्रदेशों में सम्मेलन आयोजित किए गए। प्रदेश स्तर के सम्मेलनों से पार्टी के भीतर जारी अनिश्चितता और विवाद को समाप्त करते हुए नेपाली कांग्रेस को स्पष्ट राजनीतिक एवं सांगठनिक दिशा देने के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का सुझाव मिला था। इन्हीं सुझावों की पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया।
संगठन की एकता और मजबूती पर जोर
राष्ट्रीय सम्मेलन ने नेपाली कांग्रेस की आंतरिक एकता को मजबूत करने तथा वर्तमान राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए पार्टी संगठन को और अधिक सुदृढ़, प्रभावशाली और सक्रिय बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
सम्मेलन ने लोकतंत्र और नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा, राष्ट्रीय स्वाधीनता तथा संवैधानिक व्यवस्था के संरक्षण के लिए नेपाली कांग्रेस को अधिक सक्रिय एवं जिम्मेदार राजनीतिक भूमिका में प्रस्तुत करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
सम्मेलन का समग्र संदेश रहा कि मौजूदा राजनीतिक चुनौतियों के बीच पार्टी की आंतरिक एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और संगठनात्मक मजबूती को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ना आवश्यक है।
Vikas News
Author: Vikas News

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