बलरामपुर : अखिल भारतीय विश्व गायत्री परिवार एवं युग निर्माण योजना द्वारा फरवरी 2026 में पचपेड़वा क्षेत्र में ज्योति कलश रथयात्रा निकाली जाएगी। शांतिकुंज हरिद्वार से आए प्रतिनिधि देवता प्रसाद शर्मा और जय सिंह ने गायत्री शक्तिपीठ पचपेड़वा पर इसकी तैयारियों का जायजा लिया।
शांतिकुंज हरिद्वार से आए प्रतिनिधि देवता प्रसाद शर्मा और जय सिंह ने बताया कि शांतिकुंज हरिद्वार में पंडित आचार्य श्रीराम शर्मा के हाथों प्रज्वलित किए गए अखंड दीप के 100 वर्ष पूर्ण होने एवं माता भगवती शर्मा तथा पंडित श्रीराम शर्मा के आध्यात्मिक जीवन का शताब्दी वर्ष होने के कारण शांतिकुंज हरिद्वार से देश भर में निकाली जा रही ज्योति कलश यात्रा का शुभागमन गायत्री शक्तिपीठ पचपेड़वा में आगामी फरवरी माह में होगा। कलश यात्रा पचपेड़वा क्षेत्र में 13 से 15 फरवरी 2026 तक तीन दिनों तक चलेगी। कलश यात्रा का उद्देश्य लोगों को आत्मनिर्माण से राष्ट्र निर्माण की ओर ले जाना है।
शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि देवता प्रसाद शर्मा ने कहा कि आचार्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने 1926 में प्रज्वलित अखंड ज्योति का अंश ज्योति कलश यात्रा जो पूरे विश्व को भ्रमण कर आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने के लिए भ्रमण कर रही है। इससे दुनिया में सद्बुद्धि लाने के लिए गांव-गांव घर-घर पहुंचने के लिए संकल्प के साथ भ्रमण करेगी। गायत्री माता सद्बुद्धि की देवी है। आज के युग में सच्ची मानवता को पुनः जागृत किये जाने की जरूरत है। मानव मात्र एक समान, जातिवंश सब एक समान, नर-नारी एक समान, नारी का सम्मान होना चाहिए। इससे संस्कृति का उत्थान हुआ है। गुरुदेव ने 1986 के दशक में जो बाते बोली थी बोले वे आज के दिन सिद्ध हो रही हैं।
समीक्षात्मक गोष्ठी को उपजोन प्रभारी आरएस पाल, बलरामपुर जिला समन्वयक सत्य प्रकाश शुक्ला और भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा, जिला प्रभारी गुलाब चंद भारती ने संबोधित करते हुए ज्योति कलश यात्रा के आध्यात्मिक महत्व की जानकारी दी।
गोष्ठी की शुरुआत ‘माता तेरे चरणों में’ मां गायत्री की आराधना गीत से हुई।जन्म शताब्दी समारोह की सफलता के लिए तीन माला नित्य जप, आत्म निर्माण और सलाह लें, सम्मान दें, वरिष्ठों का होश और युवा जोश का अक्षरशः पालन करने की प्रेरणा दी।
इस दौरान अंगद प्रजापति, कृष्ण कुमार पांडेय, संजय जायसवाल, बालेश्वर चौरसिया, लीलाधर चौरसिया, महिला मंडल प्रमुख मीना श्रीवास्तव, ज्योति चौरसिया, पूनम चौरसिया, भानु प्रताप सिंह, परिव्राजक ठाकुर प्रसाद, सुनीता चौरसिया, कोकिला श्रीवास्तव, सुनीता चौरसिया, सीमा सोनी, राजेंद्र पांडे, लक्ष्मण जी, संजय त्रिपाठी, बलवान, अयोध्या मोदनवाल, सीमा अग्रवाल, अंगनू आदि मौजूद रहे।





