‘हाड़ा’ विकास सिंह
सिद्धार्थनगर : विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बढ़नी परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। संगठन की अध्यक्ष रानी सिंह के नेतृत्व में जुटीं आशा बहुओं ने सरकार से अपनी मांगों को पूरा करने की मांग उठाई। साथ ही आंदोलन को आगे बढ़ाने का ऐलान किया।
प्रदर्शन के दौरान संगठन की अध्यक्ष रानी सिंह ने कहा कि आशा कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की देखभाल, टीकाकरण और स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें मानदेय और अन्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान करते हुए उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
निश्चित मानदेय और सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
आशा कार्यकर्ताओं ने निश्चित मासिक मानदेय निर्धारित करने, मानदेय में वृद्धि करने, सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और बकाया प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने की मांग की। इसके अलावा बीमा समेत अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने, मातृत्व अवकाश देने और आशा संगिनियों को यात्रा भत्ता प्रदान करने की मांग भी उठाई गई।
22 अक्टूबर को लखनऊ में होगा प्रदर्शन
रानी सिंह ने बताया कि मांगों को लेकर 22 अक्टूबर को लखनऊ के इको गार्डन में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें आशा कार्यकर्ता शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करेंगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आंदोलन में एकजुट होकर भागीदारी करने की अपील की।
इस दौरान संगठन की कोषाध्यक्ष सरिता यादव, कुसुम जायसवाल, सुमन चौधरी, कमलावती, इंद्रावती और सुनता देवी समेत बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं। सभी ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाते हुए आगामी आंदोलन में शामिल होने का संकल्प जताया।
Author: Vikas News
Post Views: 287





