पहिया नीचे बैठा तो खुला राज, तलाशी में फ्लाईऐश के नीचे छिपा मिला भारी माल; चालक-खलासी फरार
‘हाड़ा’ विकास सिंह
सिद्धार्थनगर : भारत-नेपाल सीमा के खुनुवा बॉर्डर पर फ्लाईऐश की आड़ में बड़ी मात्रा में सामान भारत लाए जाने का मामला सामने आया है। एसएसबी, पुलिस और कस्टम की संयुक्त टीम ने नेपाल से भारत में दाखिल हुए दो संदिग्ध ट्रकों को रोककर जांच की। तलाशी के दौरान एक ट्रक में फ्लाईऐश के बीच छिपाकर रखी गई 40-40 किलोग्राम की 346 बोरियां बरामद हुईं, जिनमें करीब 13.84 टन कद्दू के बीज मिले। दूसरे ट्रक से भी बड़ी मात्रा में अखरोट के पैकेट बरामद किए गए हैं।
अखरोट के पैकेटों की वास्तविक संख्या और दोनों ट्रकों से बरामद माल की कुल कीमत का आकलन अभी किया जा रहा है। अधिकारियों की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद किए जाने की बात कही जा रही है।
पहिया नीचे बैठा तो कस्टम को हुआ शक
गुरुवार रात खुनुवा बॉर्डर पर वाहनों की जांच के दौरान कस्टम अधिकारियों की नजर एक ट्रक के असामान्य रूप से नीचे बैठे पहिए पर पड़ी। अधिक वजन होने के संदेह में ट्रक की जांच की तैयारी शुरू हुई। इसी दौरान कद्दू के बीज लदे ट्रक का चालक और खलासी मौके से फरार हो गए।
इसके बाद संयुक्त टीम ने ट्रक की गहन तलाशी ली। फ्लाईऐश के बीच छिपाकर रखी गई बोरियां मिलने के बाद जब उन्हें बाहर निकाला गया तो उनमें कद्दू के बीज पाए गए।
जांच में 40 किलोग्राम वजन वाली 346 बोरियां मिलने की बात सामने आई है। कुल वजन करीब 13.84 टन बताया जा रहा है।
दूसरे ट्रक में अखरोट, करीब एक हजार पैकेट होने की संभावना
संयुक्त टीम ने दूसरे ट्रक को भी खंगाला। इसमें बड़ी मात्रा में अखरोट के पैकेट मिले। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पैकेटों की संख्या करीब एक हजार हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
दोनों ट्रकों से माल उतरवाकर उसकी वास्तविक मात्रा, वजन और कीमत का आकलन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही बरामदगी की कुल कीमत सामने आएगी।
फ्लाईऐश के नीचे छिपा माल, सीमा निगरानी पर सवाल
फ्लाईऐश के बीच इतनी बड़ी मात्रा में अन्य सामान छिपाकर भारत लाए जाने की बात सामने आने के बाद सीमा पर निगरानी और जांच व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटेंगी कि नेपाल से भारत में प्रवेश के दौरान इन ट्रकों की पहले कहीं जांच हुई थी या नहीं। अगर जांच हुई थी तो फ्लाईऐश के नीचे छिपा इतना बड़ा माल पकड़ में क्यों नहीं आया, यह भी जांच का अहम बिंदु होगा।
साथ ही यह भी पता लगाया जा सकता है कि क्या इससे पहले भी फ्लाईऐश की आड़ में इसी तरह सामान सीमा पार कराया गया है।

चीन से नेपाल और फिर भारत तक पहुंचने की बात
प्रारंभिक जानकारी में कद्दू के बीज के चीन से नेपाल और फिर भारत पहुंचने की बात सामने आ रही है। हालांकि माल के स्रोत, रूट और दस्तावेजों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
जांच एजेंसियां अब माल भेजने वाले, इसे मंगाने वाले और भारत में इसकी संभावित डिलीवरी से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा सकती हैं। यदि किसी संगठित नेटवर्क के संकेत मिलते हैं तो जांच का दायरा सीमा पर पकड़े गए दोनों ट्रकों से आगे बढ़ सकता है।

चालक-खलासी के भागने से गहराया रहस्य
जांच के दौरान चालक और खलासी के फरार होने से मामला और गंभीर हो गया है। दोनों की गिरफ्तारी के बाद यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि ट्रक किसके नाम पर था, माल कहां से लादा गया था, इसे कहां पहुंचाया जाना था और परिवहन से जुड़े दस्तावेज क्या हैं।
यह भी जांच का विषय है कि चालक और खलासी को ट्रक में छिपे माल की जानकारी थी या नहीं।

अब दस्तावेजों से खुलेगा माल का पूरा राज
फिलहाल एसएसबी, पुलिस और कस्टम की संयुक्त टीम बरामद माल की गिनती और वजन करा रही है। इसके साथ ही माल से संबंधित दस्तावेजों और ट्रकों की जानकारी भी खंगाली जा रही है।
अभी अखरोट की सटीक मात्रा, दोनों ट्रकों से बरामद माल की कुल कीमत और मामले में शामिल अन्य लोगों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद माल की वास्तविक कीमत कितनी है, उसका स्रोत क्या है और उसे भारत लाने के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
खुनुवा बॉर्डर पर हुई इस कार्रवाई ने सीमा पर माल की जांच और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। अब जांच एजेंसियों की कार्रवाई से ही इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है।
Author: Vikas News
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