‘हाड़ा’ विकास सिंह
सिद्धार्थनगर : जिला मुख्यालय के निकट स्थित डॉ. संजय चौधरी हॉस्पिटल में शनिवार सुबह इलाज के दौरान दो वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही और इंजेक्शन की अधिक मात्रा दिए जाने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया।

मृत बच्ची की पहचान जया (2 वर्ष) पुत्री स्वर्गीय शैलेश निवासी कटेला गर्बी, थाना कठेला समयमाता के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, जया को शुक्रवार से बुखार था, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल लाया गया था। चिकित्सक द्वारा जांच के बाद दवाएं दी गई थीं।

परिजनों का आरोप है कि दवा देने के बावजूद बच्ची की हालत में सुधार नहीं हुआ। शनिवार सुबह उसे पुनः अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान उसे इंजेक्शन लगाया गया। मां का आरोप है कि इंजेक्शन लगने के तुरंत बाद बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
घटना से आक्रोशित परिजन बच्ची का शव गोद में लेकर अस्पताल परिसर में बैठ गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे। मृतका की मां ने यह भी आरोप लगाया कि बच्ची की मौत के बाद अस्पताल की पर्ची फाड़कर डस्टबिन में फेंक दी गई।
वहीं, अस्पताल संचालक एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय चौधरी ने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि बच्ची जन्म से दिव्यांग थी तथा गोरखपुर से मानसिक रोग संबंधी 10 से 15 प्रकार की दवाएं पहले से ले रही थी। उनके अनुसार, शनिवार सुबह बच्ची को तेज बुखार की स्थिति में अस्पताल लाया गया था, जिसके बाद उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। डॉक्टर का कहना है कि बच्ची की पूर्व चिकित्सकीय स्थिति को ध्यान में रखकर उपचार किया जा रहा था।
परिजनों ने बताया कि जया के पिता शैलेश की लगभग दो माह पूर्व चिल्हिया थाना क्षेत्र के महादेवा के पास सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। पिता की मौत के बाद परिवार पहले ही गहरे सदमे में था। अब मासूम बेटी की मौत से परिवार पर दुखों का एक और पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। समाचार लिखे जाने तक बच्ची की मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक चिकित्सकीय रिपोर्ट सामने नहीं आई थी।
फिलहाल परिजनों द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के ओवरडोज एवं चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों की सत्यता जांच और चिकित्सकीय परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
Author: Vikas News
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