‘हाड़ा’ विकास सिंह
लखनऊ : नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरी चिंता व्यक्त की है। नेपाल में बाढ़ के कारण करीब 400 पर्यटक लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी लापता लोगों की कुशलता के लिए भगवान पशुपतिनाथ से प्रार्थना की है।
मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में नेपाल सीमा से सटे जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सीमावर्ती जिलों के प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।
गंडक और नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल में आई बाढ़ का असर उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों, विशेषकर महाराजगंज और कुशीनगर, में पड़ने की आशंका है। बाढ़ के कारण गंडक और नारायणी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। उन्होंने दोनों जिलों के प्रशासन को सतर्कता बरतने, राहत एवं बचाव की तैयारियां सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए।
कुशीनगर में प्रशासन मैदान में
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कुशीनगर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने नारायणी नदी के किनारे बसे गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अफवाहों और घबराहट से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
महाराजगंज में भी अलर्ट घोषित
नेपाल में आई बाढ़ के मद्देनजर महाराजगंज जिले में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया है। गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। एसडीआरएफ और पुलिस टीमों ने सायरन बजाकर लोगों को संभावित खतरे के प्रति आगाह किया। नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर पक्के मकानों की छतों पर जाने की सलाह दी गई है। सोहगीबरवा क्षेत्र के शिकारपुर सहित कई गांवों में जागरूकता अभियान चलाया गया।
बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं पर भी मुख्यमंत्री गंभीर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में लगातार हो रही बारिश, आकाशीय बिजली, जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान का भी संज्ञान लिया है। उन्होंने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में जाकर स्थिति का आकलन करने तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि, पशुहानि एवं आर्थिक क्षति का आकलन कर 24 घंटे के भीतर मुआवजा वितरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अधिकारियों को प्रभावित परिवारों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
प्रदेशवासियों से सावधानी बरतने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि आकाशीय बिजली गिरने के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। उन्होंने अतिवृष्टि के समय नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों में स्नान करने से बचने तथा सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी आपदा से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए है।
Author: Vikas News
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