नेपाल बाढ़ त्रासदी : भारत ने भेजी 10 टन राहत सामग्री, नेपाल ने जताया आभार

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‘हाड़ा’ विकास सिंह
काठमांडू : नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से निपटने के लिए भारत ने एक बार फिर मित्रता और मानवीय सहयोग का परिचय देते हुए सहायता का हाथ बढ़ाया है। भारत सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को मजबूत करने के लिए 10 टन मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) सामग्री के साथ आवश्यक दवाइयों की खेप नेपाल भेजी है।

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी देते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में नेपाल और उसके नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि नेपाल में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए राहत सामग्री और आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति तत्काल रवाना कर दी गई है।

भारत का संदेश : नेपाल के साथ एकजुटता
भारत सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि नेपाल में बाढ़ से उत्पन्न मानवीय संकट से निपटने के लिए 10 टन राहत सामग्री और आवश्यक दवाएं भेजी गई हैं। भारत ने इस आपदा में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रभावित लोगों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

नेपाल सरकार ने जताया आभार
भारत की त्वरित सहायता पर नेपाल सरकार ने आभार व्यक्त किया है। नेपाल की ओर से जारी प्रतिक्रिया में कहा गया कि राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के लिए भारत सरकार और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर का धन्यवाद। नेपाल ने कहा कि यह सहायता दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और आपसी विश्वास का प्रतीक है।

विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने सराहा सहयोग
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भारत द्वारा भेजी गई सहायता के लिए विशेष धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत ने एक सच्चे और भरोसेमंद पड़ोसी का दायित्व निभाया है। खनाल ने कहा कि राहत सामग्री और चिकित्सा आपूर्ति बाढ़ प्रभावित नागरिकों तक त्वरित सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और मानवीय संबंध सदैव मजबूत रहे हैं तथा यह सहायता उन्हीं रिश्तों की गहराई को दर्शाती है।
आपसी रिश्तों की मजबूती का प्रमाण
नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ ने व्यापक जन-धन की हानि पहुंचाई है। ऐसे समय में भारत द्वारा भेजी गई राहत सामग्री न केवल मानवीय सहयोग का उदाहरण है, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे और भरोसेमंद संबंधों का भी प्रमाण है। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दवाइयों और आवश्यक राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी तथा राहत कार्यों को गति मिलेगी।
Vikas News
Author: Vikas News

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