‘हाड़ा’ विकास सिंह
सिद्धार्थनगर : इंडो-नेपाल के बढ़नी बॉर्डर पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) 50वीं वाहिनी बलरामपुर के बढ़नी बीओपी के जवानों ने मानव तस्करी की आशंका में दो नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया है। दोनों को नेपाल ले जाने की आशंका के बीच एक 22 वर्षीय युवक को भी पकड़ा गया। एसएसबी ने तीनों को अग्रिम कार्रवाई के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) पुलिस सिद्धार्थनगर को सौंप दिया।

एसएसबी के अनुसार बीते 29 सितंबर दिन सोमवार को बॉर्डर क्षेत्र में निगरानी के दौरान एक युवक और दो लड़कियां दोपहिया वाहन से बढ़नी की ओर से आते दिखाई दिए। युवक ने वाहन खड़ा कर दिया और तीनों पैदल सीमा स्तंभ संख्या 567/2 की ओर बढ़ने लगे। दोनों लड़कियां नाबालिग प्रतीत होने पर सीमा चौकी पर तैनात एसएसबी कर्मियों ने तीनों को रोककर पूछताछ की।
पूछताछ में युवक ने अपना नाम मोहम्मद तसव्वर सलमानी (22 वर्ष) बताया। उसके अनुसार, तीनों एक ही गांव के रहने वाले हैं और नेपाल के कृष्णनगर कस्बे में किसी होटल में खाना खाने के लिए जा रहे थे। दोनों लड़कियों से पूछताछ करने पर उन्होंने भी नेपाल जाने का कारण खाना खाने जाना बताया।
मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर एसएसबी की ओर से तत्काल पुलिस और संबंधित एनजीओ को सूचना दी गई। संयुक्त टीमों की मौजूदगी में गहन पूछताछ की गई। इसके बाद दोनों लड़कियों के परिजनों को घटना की जानकारी दी गई और उन्हें मौके पर बुलाया गया।
एसएसबी के मुताबिक, रेस्क्यू की गई दोनों लड़कियों की उम्र 16 और 17 वर्ष है। दोनों सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम मोहनकोला की रहने वाली हैं।
वहीं पकड़े गए युवक की पहचान मोहम्मद तसव्वर सलमानी (22), पुत्र इम्तियाज अहमद, निवासी ग्राम मोहनकोला थाना शोहरतगढ़, जनपद सिद्धार्थनगर के रूप में हुई है।
एसएसबी के अनुसार, दोनों लड़कियों के नाबालिग होने और उन्हें सीमा पार नेपाल ले जाने की परिस्थितियों को देखते हुए मानव तस्करी की आशंका को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की गई। लड़कियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दोनों नाबालिगों और युवक को रात 9:05 बजे AHTU पुलिस सिद्धार्थनगर को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए सुपुर्द कर दिया गया।
Author: Vikas News
Post Views: 523





