हरिश्चन्द्र की मौत और मां माया की गिरफ्तारी के बाद अनिश्चित भविष्य से जूझ रहे लवकुश, ज्योति, शिवांगी और टुनटुन ; पालन-पोषण व शिक्षा को लेकर उठे सवाल
‘हाड़ा’ विकास सिंह
सिद्धार्थनगर : मुहचोरवा घाट हत्याकांड के सनसनीखेज खुलासे के बाद जहां पुलिस ने मृतक हरिश्चन्द्र की पत्नी माया समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, वहीं इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दर्दनाक पहलू उन चार मासूम बच्चों का भविष्य बन गया है, जिनका संसार एक झटके में उजड़ गया।
मृतक हरिश्चन्द्र के चार बच्चे लवकुश (16 वर्ष), ज्योति (14 वर्ष), शिवांगी (11 वर्ष) और टुनटुन (9 वर्ष) आज ऐसे मोड़ पर खड़े हैं, जहां उनके सामने जीवन का सबसे बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पिता की हत्या हो गई और उसी हत्या के आरोप में उनकी मां जेल चली गई। ऐसे में बच्चों के सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ गया है।
ग्रामीणों के अनुसार परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी। अब घर में बच्चों की देखभाल करने वाला कोई नहीं बचा है। ननिहाल पक्ष भी आर्थिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है, जिससे बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा और भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
गांव के लोगों का कहना है कि इन मासूम बच्चों का किसी भी विवाद या अपराध से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन परिस्थितियों की सबसे बड़ी मार इन्हीं पर पड़ी है। जहां एक ओर उन्हें पिता के असमय निधन का दुख झेलना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर मां के जेल जाने से उनका सहारा भी छिन गया है।
अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि इन चारों बच्चों की जिम्मेदारी कौन उठाएगा ? उनकी पढ़ाई, भोजन, रहने की व्यवस्था और भविष्य की सुरक्षा किसके भरोसे होगी ? यह सवाल न केवल प्रशासन बल्कि समाज के सामने भी खड़ा है।
इस घटना ने चार मासूम बच्चों की जिंदगी को अंधेरे में धकेल दिया है। गांव के लोग प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं से इन बच्चों की मदद और संरक्षण की मांग कर रहे हैं, ताकि उनका भविष्य पूरी तरह बर्बाद होने से बचाया जा सके।
Author: Vikas News
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