‘हाड़ा’ विकास सिंह
सिद्धार्थनगर : ढेबरुआ थाना क्षेत्र स्थित बहुचर्चित मुहचोरवा घाट हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी, उसके कथित प्रेमी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि घरेलू कलह और कथित प्रेम संबंधों के चलते हरिश्चन्द्र अग्रहरि की हत्या की साजिश रची गई थी।

हत्या के बाद शव को बूढ़ी राप्ती नदी में फेंककर तथा ई-रिक्शा को घटनास्थल के पास छोड़कर मामले को सड़क दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि थाना ढेबरुआ पुलिस, एसओजी एवं सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में इस हत्याकांड का सफल अनावरण किया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू, छह मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, नकदी तथा एयर इंडिया का एक टिकट बरामद किया है।
एसएसपी ने बताया कि 30 अगस्त 2026 की रात इटवा थाना क्षेत्र के ग्राम कपियवा निवासी हरिश्चन्द्र अग्रहरि की हत्या कर उसका शव मुहचोरवा घाट के निकट बूढ़ी राप्ती नदी में फेंक दिया गया था। प्रारंभिक जांच में घटना दुर्घटना प्रतीत हो रही थी, लेकिन पुलिस को कई संदिग्ध तथ्य मिले। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की सहायता से गहन जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान 8 सितंबर को बढ़नी क्षेत्र के दुधवनिया बुजुर्ग नहर मार्ग के पास पुलिस ने घेराबंदी कर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पूरे हत्याकांड की परतें खुलती चली गईं। पुलिस के अनुसार मृतक की पत्नी माया देवी और आरोपी नियाज अहमद के बीच कथित संबंध थे। साथ ही पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी कारण हरिश्चन्द्र को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई और हत्या के लिए 1.10 लाख रुपये की सुपारी तय की गई।

पुलिस के मुताबिक पूर्व नियोजित साजिश के तहत हरिश्चन्द्र को मुहचोरवा घाट के पास बुलाया गया, जहां चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को नदी में फेंक दिया गया तथा ई-रिक्शा को घटनास्थल के पास छोड़कर मामले को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई।

पुलिस ने इस मामले में इरशाद (30 वर्ष) पुत्र मुनीर, अब्दुल्ला (24 वर्ष) पुत्र कमाल अहमद, नियाज अहमद (30 वर्ष) पुत्र रौआब अली तथा माया देवी (35 वर्ष) पत्नी हरिश्चन्द्र अग्रहरि, सभी निवासी ग्राम कपियवा थाना इटवा, जनपद सिद्धार्थनगर को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
घटना के सफल अनावरण में ढेबरुआ थानाध्यक्ष एसआई चंद्रकांत पांडेय, प्रभारी निरीक्षक एसओजी मिथिलेश कुमार राय, सर्विलांस/साइबर सेल के एसआई हरेंद्र चौहान, एसआई शशिकांत, बढ़नी चौकी प्रभारी एसआई वीरेंद्र यादव, एसआई वीरेन्द्र कुमार पासवान, एसआई राजाराम यादव, हेड कांस्टेबल राजीव शुक्ला, मनोज राय, मनिंद्र प्रताप चंद, आशुतोष धर द्विवेदी, कांस्टेबल वीरेंद्र त्रिपाठी, रोहित चौहान, छविराज यादव, सत्येंद्र यादव, हेड कांस्टेबल विवेक मिश्रा, अवनीश प्रताप सिंह, कांस्टेबल प्रबल कुमार, राजकमल, भानु प्रताप सिंह, अर्जुन यादव तथा सागर जायसवाल सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
घटना के सफल अनावरण पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने संयुक्त पुलिस टीम को 20 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपियों के बयानों के आधार पर हत्या की साजिश का खुलासा हो चुका है तथा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
Author: Vikas News
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